बिहार में मानसून ने आखिरकार दस्तक दे दी है। गुरुवार को काले बादलों और रिमझिम फुहारों के साथ कई जिलों में बारिश शुरू हो गई। सामान्यत: बिहार में मानसून के आगमन की तिथि 13 जून होती है, लेकिन इस बार यह एक हफ्ते की देरी से पहुंचा है। तेज गति के कारण पहले ही दिन 14 जिलों में मानसून का प्रसार हो चुका है, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को तपिश से राहत मिली है।

पटना में अभी भी उमस बनी हुई

हालांकि, पटना में अभी भी उमस बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक-दो दिनों में पटना, गया और छपरा तक मानसून के पहुंचने की संभावना है। गुरुवार को मानसून ने किशनगंज और पूर्णिया के रास्ते बिहार की सीमा में प्रवेश किया। देखते-देखते यह भागलपुर, कटिहार, अररिया, मधेपुरा, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर तक फैल गया।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतर जिलों में गरज और चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी और छपरा जिलों के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

मानसून की प्रगति

मानसून पिछले 20 दिनों से पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर में अटका हुआ था। पिछले दो-तीन दिनों से किशनगंज, अररिया, सुपौल सहित आसपास के जिलों में भारी बारिश हो रही थी। गुरुवार को मानसून के दस्तक देने से पहले कैमूर को छोड़कर राजधानी पटना सहित पूरे प्रदेश में हल्के से मध्यम स्तर की बारिश हुई।

आने वाले दिनों की संभावनाएँ

मौसम विभाग के अनुसार, अब मानसून के प्रसार की गति बेहतर रहेगी और अगले दो-तीन दिनों में यह पूरे राज्य में फैल जाएगा। इससे राज्य भर में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। पटना और अन्य जिलों के लोग भी मानसून की बौछारों का आनंद ले सकेंगे।

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