इस वर्ष सऊदी श्रम बाजार से करीब 1. 2 मिलियन विदेशी कामगारों के बाहर होने की  संभावना व्यक्त की जा रही है। इस संबंध में जादवा इन्वेस्टमेंट कंपनी ने एक रिपोर्ट्स जारी किया गया है। जिसके बाद से यह उम्मीद की जाने लगी है कि वर्ष 2020 में एक मिलियन से अधिक प्रवासी कामगार सऊदी से वापस चले जायेंगे।

 

 

इसकी वजह कोरोना वायरस है। कोरोना वायरस के वजह से उत्पन्न हुए खराब आर्थिक हालात से जहां व्यापार मंदा पड़ने लगा है है तो वहीं बाहरी कामगारों के लिए रोजगार के मौके भी कम होने लगे हैं।

जबकि पहले से सऊदी के शासक ने वहां सऊदीकरण लागु करने की बात कह दी है।  जिसके तहत सऊदी के लोगों को सबसे अधिक पदों पर नौकरी देने को प्राथमिकता है।

कोरोना के कारण कई क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। जिनमें फूड सर्विस, प्रशासनिक सेवा, सपोर्ट एक्टिविटीज, टूर एंड ट्रेवल, ट्रेवल एजेंसीज, सिक्यूरिटी और निर्माण सेवा वाले क्षेत्र को अधिक नुकसान पहुंचा है।

 

 

जबकि कई सेक्टर तो ऐसे है जिनमें कुछ महीने के बाद भी व्यावसायिक गतिविधियों के पूरी तरह से वापस आने की उम्मीद नहीं की जा रही है।

इन सेक्टर में होटल, रेस्तरां, पर्यटन और मनोरंजन के क्षेत्र शामिल हैं। जिनपर कोरोना के वजह से लागु हुए लॉकडाउन का बुरा असर पड़ा है। 

 

 

स्वास्थ्य बीमा कवरेज के आंकड़ों के आधार पर, यह उम्मीद की जा रही है कि पीएमआई रोजगार में अधिकांश मंदी विदेशी श्रमिकों के बीच छंटनी से संबंधित है। इसलिए यह उम्मीद की जा रही  बाहरी कामगारों की  छंटनी निकट भविष्य में जारी रह सकती है।

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Lov Singh

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