10 ऐसे ETFs जो शेयर बाज़ार के गिरावट में ख़रीद पर देते हैं सबसे ज़्यादा फ़ायदा. Mutual Fund से भी दे चुके हैं ज़्यादा रिटर्न.

Lov Singh16 December 20244 min read0 viewsFinance

पिछले ब्लॉग में हमने ETFs के बारे में जाना और अस्थिर बाजार में उनके फायदों पर चर्चा की. इस बार हम 10 से ज़्यादा ऐसे ETFs देखेंगे जो भारतीय बाजार में उपलब्ध हैं और अस्थिरता के समय में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं. साथ ही, हम उनके पिछले प्रदर्शन के बारे में भी जानेंगे.

ध्यान दें: पिछला प्रदर्शन भविष्य के प्रदर्शन का संकेत नहीं है. निवेश करने से पहले, अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह ज़रूर लें.

1. निफ्टी 50 ETFs (Nifty 50 ETFs):

ये ETFs निफ्टी 50 इंडेक्स को ट्रैक करते हैं, जो भारत की शीर्ष 50 कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है. ये व्यापक विविधीकरण प्रदान करते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव को कम करने में मदद कर सकते हैं.

  • उदाहरण:
    • SBI NIFTY 50 ETF (SETFNIF50): यह सबसे लोकप्रिय निफ्टी 50 ETFs में से एक है.
      • 1 साल का रिटर्न: लगभग 31.78%
      • 3 साल का रिटर्न: लगभग 53.92%
      • 5 साल का रिटर्न: लगभग 134.82%
    • Nippon India ETF Nifty 50 BeES: यह भी एक लोकप्रिय विकल्प है.
      • 1 साल का रिटर्न: लगभग 31.88%
      • 3 साल का रिटर्न: लगभग 55.06%
      • 5 साल का रिटर्न: लगभग 142.74%

 

2. निफ्टी नेक्स्ट 50 ETFs (Nifty Next 50 ETFs):

ये ETFs निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स को ट्रैक करते हैं, जिसमें निफ्टी 50 के बाद की 50 कंपनियां शामिल हैं. ये भविष्य में निफ्टी 50 में शामिल होने की संभावना रखती हैं, इसलिए इनमें विकास की संभावना ज़्यादा होती है.

  • उदाहरण:
    • Nippon India ETF Junior BeES (JUNIORBEES):
      • 1 साल का रिटर्न: लगभग 68.82%
      • 3 साल का रिटर्न: लगभग 89.33%
      • 5 साल का रिटर्न: लगभग 195.25%
    • SBI NIFTY NEXT 50 ETF (SETFNN50):
      • 1 साल का रिटर्न: लगभग 68.70%
      • 3 साल का रिटर्न: लगभग 86.66%
      • 5 साल का रिटर्न: लगभग 192.84%

 

3. गोल्ड ETFs (Gold ETFs):

सोना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है और अस्थिर बाजार में यह अच्छा प्रदर्शन कर सकता है. गोल्ड ETFs आपको बिना भौतिक सोना खरीदे सोने में निवेश करने की अनुमति देते हैं.

  • उदाहरण:
    • Invesco India Gold ETF (IVZINGOLD):
      • 1 साल का रिटर्न: लगभग 21.60%
      • 3 साल का रिटर्न: लगभग 49.98%
      • 5 साल का रिटर्न: लगभग 81.97%
    • Nippon India ETF Gold BeES:

 

4. बॉन्ड ETFs (Bond ETFs):

बॉन्ड ETFs सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश करते हैं. वे इक्विटी ETFs की तुलना में कम जोखिम वाले होते हैं और अस्थिर बाजार में स्थिरता प्रदान कर सकते हैं.

  • उदाहरण:
    • SBI 10 YEAR GILT ETF (SETF10GILT): यह सरकारी बॉन्ड में निवेश करता है.
      • 1 साल का रिटर्न: लगभग 8.82%
      • 3 साल का रिटर्न: लगभग 15.33%
      • 5 साल का रिटर्न: लगभग 21.50%

 

5. सेक्टर ETFs (Sector ETFs):

ये ETFs किसी विशेष क्षेत्र की कंपनियों में निवेश करते हैं.

  • उदाहरण:
    • Kotak Nifty Bank ETF (BANKNIFTY1): यह बैंकिंग क्षेत्र की कंपनियों में निवेश करता है.
      • 1 साल का रिटर्न: लगभग 16.72%
      • 3 साल का रिटर्न: लगभग 43.55%
      • 5 साल का रिटर्न: लगभग 88.15%
    • Edelweiss ETF – Nifty Bank (EBANK): यह भी बैंकिंग क्षेत्र में निवेश करता है.
      • 1 साल का रिटर्न: लगभग 18.5%
      • 3 साल का रिटर्न: लगभग 14.29%
      • 5 साल का रिटर्न: लगभग 38.16%
    • Nippon India ETF Shariah BeES (SHARIABEEE): यह शरिया के अनुरूप कंपनियों में निवेश करता है.
      • 1 साल का रिटर्न: लगभग 38.24%
      • 3 साल का रिटर्न: लगभग 34.56%
      • 5 साल का रिटर्न: लगभग 137.83%

 

अन्य ETFs:

  • UTI BSE Sensex ETF (SENSEXETF): यह सेंसेक्स इंडेक्स को ट्रैक करता है.
    • 1 साल का रिटर्न: लगभग 27.7%
    • 3 साल का रिटर्न: लगभग 14.90%
    • 5 साल का रिटर्न: लगभग 18.2%
  • CPSE ETF (CPSEETF): यह सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में निवेश करता है.
    • 1 साल का रिटर्न: लगभग 113.2%
    • 3 साल का रिटर्न: लगभग 59.1%
    • 5 साल का रिटर्न: लगभग 35.3%

अस्थिर बाजार में ETFs एक अच्छा निवेश विकल्प हो सकते हैं. वे विविधीकरण, कम लागत और तरलता प्रदान करते हैं. हालांकि, किसी भी ETF में निवेश करने से पहले, अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम सहनशीलता पर विचार करना महत्वपूर्ण है.

अस्वीकरण:

यह ब्लॉग पोस्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. निवेश करने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें.

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