अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के प्रमुख आर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में फंसे लगभग 20,000 नाविकों की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। इस समुद्री रास्ते में बढ़ते तनाव और जहाजों पर हो रहे हमलों की वजह से नाविकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। कई बीमा कंपनियों ने जहाजों का इंश्योरेंस कवर रद्द कर दिया है या फिर प्रीमियम की दरें बहुत ज्यादा बढ़ा दी हैं। इस वजह से करीब 2,000 व्यापारिक जहाज इस समय फंसे हुए हैं और नाविक भारी मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।

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आखिर क्यों पैदा हुआ यह संकट और नाविकों पर क्या असर पड़ रहा है?

होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हो रहे हमलों ने पूरी दुनिया की समुद्री सप्लाई चेन को हिला कर रख दिया है। इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन (ITF) ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को युद्ध जैसा संचालन क्षेत्र घोषित कर दिया है। इससे नाविकों को यह अधिकार मिल गया है कि वे खतरे वाले इलाकों में जाने से मना कर सकते हैं। बीमा कंपनियों द्वारा कॉन्ट्रैक्ट रद्द किए जाने के कारण जहाज अपनी जगह से नहीं हिल पा रहे हैं। आर्सेनियो डोमिंगुएज़ के अनुसार, यह स्थिति अब असहनीय हो गई है और इसे और अधिक समय तक जारी नहीं रखा जा सकता है।

IMO की तरफ से क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

नाविकों और जहाजों की सुरक्षा के लिए IMO ने एक मानवीय गलियारा (Humanitarian Corridor) बनाने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव को कई देशों का समर्थन मिला है ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। इस संकट से जुड़े मुख्य बिंदुओं को नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:

प्रमुख क्षेत्र वर्तमान स्थिति
फंसे हुए नाविक लगभग 20,000 समुद्री कर्मचारी फंसे हैं
जहाजों की संख्या करीब 2,000 जहाज आगे बढ़ने में असमर्थ हैं
बीमा की स्थिति प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी और कॉन्ट्रैक्ट कैंसलेशन
प्रस्तावित समाधान सुरक्षित समुद्री ढांचा और मानवीय गलियारा बनाना
समर्थक देश UAE, बहरीन, जापान, पनामा और सिंगापुर

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के आधार पर IMO परिषद ने जहाजों पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की है। आर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने बताया कि आसपास के देशों की मदद से मानवीय संकट को रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन एक स्थाई समाधान के लिए तनाव कम करना बेहद जरूरी है। नाविकों को अब इस क्षेत्र में काम करने के लिए अतिरिक्त जोखिम मुआवजे का अधिकार भी दिया गया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.