2025 में नए स्लैब के अनुसार कटेगा इनकम टैक्स में पैसा. कई छूट के साथ 15 लाख तक कमाने वाले लोग भी जी सकेंगे टैक्स फ्री जैसी जिंदगी.

Lov Singh28 December 20243 min read0 viewsFinance

2024 में, इनकम टैक्स के नियमों में बड़े बदलाव किए गए। ये बदलाव जुलाई में बजट पेश होने के बाद लागू हुए। ये बदलाव वित्तीय वर्ष 2024-25 पर लागू होंगे और इसका असर जुलाई 2025 में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने पर पड़ेगा। आइए, इन बदलावों को सरल भाषा में समझें:

1. नई टैक्स स्लैब (नए टैक्स सिस्टम में)

  • नए टैक्स सिस्टम में टैक्स स्लैब बदले गए हैं ताकि ज्यादा बचत हो सके।
  • नए स्लैब:
    आय सीमा (रु) टैक्स दर (%)
    0 – 3,00,000 0
    3,00,001 – 7,00,000 5
    7,00,001 – 10,00,000 10
    10,00,001 – 12,00,000 15
    12,00,001 – 15,00,000 20
    15,00,000 से ज्यादा 30
  • फायदा: नए सिस्टम में लोग सालाना 17,500 रुपये तक की बचत कर सकते हैं।

2. स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाया गया

  • नए टैक्स सिस्टम में:
    • सैलरी वालों और पेंशनधारकों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 50,000 से बढ़ाकर 75,000 रुपये किया गया।
    • फैमिली पेंशन वालों के लिए अब 25,000 रुपये तक का डिडक्शन मिलेगा।
  • पुराने टैक्स सिस्टम में: कोई बदलाव नहीं, डिडक्शन वही 50,000 रुपये (सैलरी/पेंशन वालों के लिए) और 15,000 रुपये (फैमिली पेंशन वालों के लिए)।
  • फायदा: नए सिस्टम से टैक्सेबल इनकम कम होगी।

 

3. NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में योगदान पर ज्यादा छूट

  • नए टैक्स सिस्टम में, नियोक्ता के NPS योगदान पर छूट 10% से बढ़ाकर 14% कर दी गई।
  • फायदा: नए सिस्टम में टैक्स बचत ज्यादा होगी। हालांकि, कुल योगदान 7.5 लाख से ज्यादा होने पर टैक्स लगेगा।

4. कैपिटल गेन पर टैक्स दर बदली गई

  • शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG):
    • शेयर/म्यूचुअल फंड्स पर टैक्स 15% से बढ़ाकर 20% किया गया।
  • लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG):
    • सभी एसेट्स पर 12.5% की एकसमान दर।
    • छूट सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये।
  • फायदा/नुकसान: नियम सरल हुए लेकिन कुछ लोगों का टैक्स बढ़ सकता है।

 

5. होल्डिंग पीरियड्स में बदलाव

  • सूचीबद्ध सिक्योरिटीज (शेयर वगैरह): 12 महीने बाद लॉन्ग-टर्म माना जाएगा।
  • अनसूचीबद्ध सिक्योरिटीज: 24 महीने बाद लॉन्ग-टर्म।
  • फायदा: कैपिटल गेन की गणना आसान हो गई।

 

6. TDS (टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स) दरों में बदलाव

  • कुछ खास लेन-देन के लिए TDS की दरें बदली गई हैं:
    सेक्शन लेन-देन नई TDS दर (%) लागू तारीख
    194D बीमा कमीशन (गैर-कंपनियों के लिए) 2 1 अप्रैल 2025
    194DA बीमा पॉलिसी भुगतान 2 1 अक्टूबर 2024
    194M व्यक्तिगत/HUF द्वारा भुगतान 2 1 अक्टूबर 2024
    194-O ई-कॉमर्स भुगतान 0.1 1 अक्टूबर 2024
  • फायदा: कम TDS कटने से हाथ में ज्यादा रकम मिलेगी।

 

7. TDS/TCS क्रेडिट का दावा

  • सैलरी वाले लोग अब अन्य आय/खर्च पर TDS/TCS का क्रेडिट लेकर अपनी सैलरी पर TDS घटा सकते हैं।
  • फायदा: कैश फ्लो बेहतर होगा।

8. दूसरे के लिए TCS क्रेडिट का विकल्प

  • अब TCS क्रेडिट किसी और (जैसे माता-पिता बच्चों की ट्यूशन फीस भरें) के लिए क्लेम किया जा सकता है।
  • लागू: 1 जनवरी 2025 से।
  • फायदा: मिडल क्लास परिवारों के लिए कैश फ्लो में सुधार।

 

9. शेयर बायबैक पर टैक्स

  • शेयर बायबैक से प्राप्त राशि अब व्यक्ति की आय के अनुसार टैक्सेबल होगी।
  • लागू: 1 अक्टूबर 2024 से।
  • फायदा/नुकसान: उच्च आय वाले लोगों का टैक्स बढ़ सकता है।
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