पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति के बीच ईरान में फंसे 345 भारतीय मछुआरे शनिवार शाम को सुरक्षित चेन्नई पहुंच गए हैं. केंद्र सरकार ने इन लोगों को आर्मेनिया के रास्ते भारत वापस लाने का बड़ा ऑपरेशन चलाया था. चेन्नई एयरपोर्ट पर शनिवार शाम 4 अप्रैल 2026 को जब ये मछुआरे उतरे तो वहां का माहौल काफी भावुक था. इनमें से ज्यादातर मछुआरे तमिलनाडु के रहने वाले हैं जो काफी समय से वहां फंसे हुए थे.

इस रेस्क्यू ऑपरेशन की खास बातें क्या हैं?

भारत सरकार ने इस पूरे ऑपरेशन को बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से पूरा किया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मदद के लिए आर्मेनिया के विदेश मंत्री और वहां की सरकार का शुक्रिया अदा किया है क्योंकि उनकी मदद के बिना यह निकासी मुमकिन नहीं थी. चेन्नई एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल खुद इन लोगों का स्वागत करने पहुंचे थे.

  • कुल 345 मछुआरे शनिवार शाम को सुरक्षित भारत लौट आए हैं.
  • वापस लौटने वालों में 327 मछुआरे तमिलनाडु राज्य के रहने वाले हैं.
  • बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति की वापसी पर करीब 93,000 रुपये खर्च हुए हैं.
  • विदेश मंत्रालय लगातार पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

अब तक कितने भारतीय सुरक्षित निकाले गए?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि सरकार अब तक 1,200 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित निकाल चुकी है. इन लोगों को अलग-अलग रास्तों से वापस लाया जा रहा है ताकि उन्हें युद्ध वाले क्षेत्र से दूर रखा जा सके. सरकार ने साफ किया है कि विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

ट्रांजिट देश का नाम निकाले गए भारतीयों की संख्या
Armenia (आर्मेनिया) 996
Azerbaijan (अज़रबैजान) 204
कुल संख्या 1,200 से अधिक

ईरान और आसपास के इलाकों में जारी तनाव के कारण वहां रह रहे भारतीयों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल था. सरकार के इस कदम से उन प्रवासियों को बड़ी राहत मिली है जो वहां काम के सिलसिले में गए थे. आने वाले दिनों में स्थिति को देखते हुए और भी भारतीयों को वापस लाने की तैयारी की जा सकती है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.