पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। निफ्टी (Nifty) और सेंसेक्स (Sensex) में कभी गिरावट तो कभी सुधार दिख रहा है।

पिछले 18 दिनों का हाल देखें तो 9 दिन बाजार गिरा और 3 दिन इसमें सुधार आया। आज मंगलवार (16 दिसंबर) को भी बाजार में फिर से थोड़ी कमजोरी देखी गई और निफ्टी 26,000 के नीचे फिसल गया।

ऐसे में हर निवेशक के मन में एक ही सवाल है: “क्या बाजार ने अपना ‘निचला स्तर’ (Bottom) बना लिया है या अभी और गिरावट बाकी है?”

विश्लेषकों की राय: डरने की जरूरत नहीं

बाजार के जानकारों का मानना है कि ज्यादा संभावना इसी बात की है कि बुरा दौर अब बीत चुका है।

  • लंबी अवधि (Long Term): भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है। इतिहास गवाह है कि लंबी अवधि में भारतीय बाजार में बने रहने वाले निवेशकों को हमेशा फायदा हुआ है।

  • छोटी अवधि (Short Term): अभी कुछ समय तक उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यह किसी भी ‘बुल मार्केट’ (तेजी के दौर) का एक सामान्य हिस्सा है।

 

गिरावट की वजह: अमेरिका-भारत ट्रेड डील में देरी

बाजार पर अभी सबसे बड़ा दबाव ‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौते’ (India-US Trade Deal) में हो रही देरी की वजह से है।

  • यह देरी बाजार के लिए एक ‘रुकावट’ (Headwind) बनी हुई है।

  • अगर यह देरी और लंबी खिंचती है, तो इसका असर डॉलर-रुपये की कीमत और बाजार के अन्य सेक्टरों पर भी पड़ सकता है।

निवेश के मौके: इन शेयरों में है कमाई का दम

बाजार की गिरावट के बीच भी कुछ बड़ी कंपनियों (Large Cap Stocks) में कमाई का शानदार मौका दिख रहा है। ब्रोकरेज हाउस की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, इन शेयरों में भविष्य में 30% से 40% तक की तेज़ी आ सकती है:

कंपनी का नाम (Company) सलाह (Advice) संभावित रिटर्न (Upside) ताज़ा खबर (Latest News)
Motilal Oswal Financial Strong Buy 42% कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहने की उम्मीद है।
Power Grid Corp Buy 41% कंपनी को नया ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला है, जिससे भविष्य में फायदा होगा।
Bharat Electronics (BEL) Buy 41% BEL को ₹776 करोड़ के नए डिफेंस ऑर्डर मिले हैं, जो शेयर के लिए अच्छी खबर है।
Hindustan Unilever (HUL) Buy 40% सुरक्षित निवेश के लिए यह एक अच्छा विकल्प माना जा रहा है।
NLC India Strong Buy 32% पावर सेक्टर में यह कंपनी भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।

निवेशकों के लिए सलाह (Advice for Investors)

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर गिरावट वैश्विक (Global) कारणों से है, तो वह कम समय के लिए होती है। लेकिन अगर कारण स्थानीय (Local) हैं, तो असर लंबा रह सकता है। अभी स्थिति मिली-जुली है, इसलिए अच्छी कंपनियों के शेयर गिरावट में खरीदना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।