हर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में चल रहे तनाव के कारण करीब 6,000 नाविक अपनी जान जोखिम में डालकर फंसे हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इन नाविकों को सुरक्षित निकालने के लिए तत्काल मदद की अपील की है। ये लोग लगभग 500 कमर्शियल जहाजों पर सवार हैं और वहां बन रहे मानवीय संकट को देखते हुए इन्हें बाहर निकालना जरूरी हो गया है।
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नाविकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा
UN Human Rights Chief Volker Turk की प्रवक्ता Shabia Mantoo ने कहा कि नागरिक जहाजों पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव और लाल सागर में हूती हमलों ने स्थिति को और खराब कर दिया है। International Maritime Organization (IMO) के प्रमुख Arsenio Dominguez ने भी चिंता जताते हुए कहा है कि नाविक सैनिक नहीं हैं, इसलिए जब तक हालात सामान्य न हों, तब तक इस रास्ते से गुजरने से बचना चाहिए।
हालात क्यों बिगड़े
इस समुद्री रास्ते पर यातायात करीब 90% तक गिर चुका है। ताजा हमलों में ‘Disha’ नाम का जहाज भी निशाने पर आया, जिस पर 30 क्रू मेंबर सवार थे। जून के महीने में एक निकासी कोशिश के दौरान 115 जहाज और 2,500 क्रू को निकाला गया था, लेकिन 25 जून को एक जहाज पर मिसाइल हमले के बाद इसे रोक दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ जहाज मालिकों ने अपने क्रू को बिना वेतन और मदद के बीच समंदर में ही छोड़ दिया है, जिससे हजारों लोग असुरक्षित हो गए हैं।
