8 बैंक जिसके शेयर में मिलेगा 38 प्रतिशत तक मुनाफ़ा. अभी गिरावट में खरीद लिया HDFC, SBI, Axis तो मचेगा गर्दा

Lov Singh28 May 20254 min read1 viewsFinance

अक्सर माना जाता है कि ब्याज दरों का उतार-चढ़ाव ही बैंकों के मुनाफ़े की दिशा तय करता है, लेकिन असलियत यह है कि देश की आर्थिक विकास दर ही बैंकों के भविष्य को सबसे ज़्यादा प्रभावित करती है। जब देश की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ती है, तब हर सेक्टर में मांग बढ़ती है, और बैंकों से लिया जाने वाला कर्ज़ (क्रेडिट ग्रोथ) भी तेज़ी से बढ़ता है।


क्रेडिट ग्रोथ सबसे अहम, एनआईएम और एनपीए भी ज़रूरी

बैंकों की बैलेंस शीट अब साफ़, फोकस है गुणवत्ता पर

बैंकों के लिए एनआईएम (नेट इंटरेस्ट मार्जिन) और एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) जैसे पैरामीटर ज़रूरी हैं, लेकिन इन सबसे ऊपर है कर्ज़ की ग्रोथ। बीते कुछ वर्षों में बैंकों ने अपनी बैलेंस शीट में छिपी गड़बड़ियों को बाहर निकाल दिया है। अब असली चुनौती है — कर्ज़ की गुणवत्ता को बरकरार रखते हुए उसका विस्तार करना।


क्रेडिट क्वालिटी पर कड़ा ध्यान, धीमा पड़ा ऑफटेक

पिछले चार साल में दिखा असर, अब दिखने लगे हैं सुधार

पब्लिक सेक्टर बैंकों में पहले केवल ग्रोथ पर ध्यान रहता था, लेकिन अब कर्ज़ की गुणवत्ता को भी उतनी ही अहमियत दी जाती है। इसी वजह से कुछ समय के लिए ग्रोथ धीमी पड़ी, लेकिन बीते चार साल में बैंकों ने गुणवत्ता से समझौता किए बिना कर्ज़ वितरण को बढ़ाया है।


आर्थिक विकास में तेज़ी आई तो बैंकों की रफ्तार भी बढ़ेगी

मौजूदा सुस्ती छोटी अवधि की, लंबी अवधि में उज्जवल संभावनाएं

अगर भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज़ होती है तो बैंक भी निश्चित तौर पर शानदार प्रदर्शन करेंगे। कुछ मौजूदा चुनौतियाँ (स्लोडाउन) तात्कालिक हैं, जिन्हें अनदेखा किया जा सकता है। दीर्घकालिक निवेशकों के लिए बैंकिंग सेक्टर में अच्छे मौके उपलब्ध हैं।


पब्लिक और प्राइवेट—दोनों बैंकों में निवेश के अवसर

पीएसयू बैंकों की स्थिति दशकों बाद मजबूत, प्राइवेट बैंकों में भी रहे सतर्क

पीएसयू बैंकों की बुनियादी स्थिति दशकों बाद मजबूत हुई है और शेयर बाज़ार भी अब इस पर भरोसा दिखा रहा है। हालांकि प्राइवेट बैंकों की ट्रेडिंग बीते वर्षों में अधिक भीड़भाड़ वाली रही है, अब वहां भी शेयरहोल्डिंग में संतुलन देखने को मिल रहा है। ऐसे में, निवेशकों को पीएसयू और प्राइवेट दोनों तरह के बैंकों में संतुलित निवेश की सलाह दी जाती है।


आज के लिए चुनिंदा बैंकिंग स्टॉक्स की सूची

38% तक अपसाइड संभावनाओं के साथ, विशेषज्ञों की ताजा रिपोर्ट पर आधारित

नीचे दी गई सूची में उन बैंकिंग स्टॉक्स को शामिल किया गया है, जिनमें अगले 12 महीनों में 38% तक की बढ़त की संभावना है। यह सूची ‘स्टॉक रिपोर्ट्स प्लस’ (28 मई 2025) पर आधारित है और विशेषज्ञों के विश्लेषण के अनुसार बनाई गई है—

कंपनी का नाम औसत स्कोर सिफारिश विश्लेषक संख्या अपसाइड % इंस्टिट्यूशनल हिस्सेदारी % मार्केट कैप टाइप मार्केट कैप (₹ करोड़)
HDFC बैंक 7 खरीदें 40 38% 55.5% बड़ा 14,75,439
एक्सिस बैंक 9 खरीदें 40 36% 66.9% बड़ा 3,70,711
बैंक ऑफ बड़ौदा 8 खरीदें 31 36% 20.4% बड़ा 1,24,914
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 10 खरीदें 37 34% 26.8% बड़ा 7,08,436
करूर वैश्य बैंक 9 खरीदें 14 32% 38.8% मिड 18,247
आईसीआईसीआई बैंक 9 खरीदें 39 28% 54.0% बड़ा 10,32,559
डीसीबी बैंक 8 स्ट्रॉन्ग बाय 18 23% 37.2% मिड 4,463
फेडरल बैंक 9 खरीदें 31 23% 59.2% बड़ा 49,745
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