इजरायली जेलों में कैद हैं 95 फिलिस्तीनी मेडिकल वर्कर्स, बिना ट्रायल के हिरासत में रखने पर दुनिया भर में चिंता

Sushma Kumari23 August 20263 min read62 viewsWorld
इजरायली जेलों में कैद हैं 95 फिलिस्तीनी मेडिकल वर्कर्स, बिना ट्रायल के हिरासत में रखने पर दुनिया भर में चिंता

दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवाओं और मानवाधिकारों को लेकर चल रही चर्चा के बीच एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां इजरायली जेलों में बड़ी संख्या में मेडिकल स्टाफ को बंद रखा गया है। 23 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, कुल 95 फिलिस्तीनी मेडिकल वर्कर्स अभी भी इजरायली जेलों में कैद हैं, जिनमें डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स शामिल हैं। हेल्थकेयर वर्कर्स वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से 80 लोगों को गाजा से और 15 लोगों को कब्जे वाले वेस्ट बैंक से पकड़ा गया था। इन सभी मामलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि इन्हें बिना किसी औपचारिक आरोप या मुकदमे के जेल में रखा गया है।

प्रशासनिक हिरासत और कड़े सैन्य कानून

ज्यादातर मेडिकल कर्मियों को प्रशासनिक हिरासत के तहत जेल में बंद किया गया है। यह एक ऐसा तरीका है जिसके तहत बिना किसी ट्रायल के गुप्त सबूतों के आधार पर किसी भी व्यक्ति को अनिश्चित काल के लिए जेल में रखा जा सकता है। वेस्ट बैंक में यह प्रक्रिया मिलिट्री ऑर्डर 1651 के आर्टिकल 285 के तहत चलाई जाती है। इसके जरिए सैन्य कमांडरों को यह अधिकार मिलता है कि वे बिना किसी कुल समय सीमा के, हर छह महीने पर नजरबंदी की अवधि को आगे बढ़ा सकते हैं। इस कानूनी प्रावधान की वजह से इन सभी कैदियों की कानूनी स्थिति बेहद अनिश्चित बनी हुई है और उनके परिवार वाले भी लंबे समय से उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।

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अस्पताल निदेशक और डॉक्टरों की हालत गंभीर

अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इन कैदियों की खराब हालत और उनके कानूनी अधिकारों के हनन पर कड़ी आपत्ति जताई है। मेडिसिन सैंस फ्रंटियर्स (MSF) और स्टैंडिंग कमेटी ऑफ यूरोपियन डॉक्टर्स (CPME) के अनुसार, गाजा के कमल अदवान अस्पताल के निदेशक डॉ. हुस्साम अबू सफिया को पिछले 18 महीनों से अधिक समय से जेल में रखा गया है और फिलहाल उन्हें आइसोलेशन यानी एकांत कारावास में डाला गया है। इसके अलावा, MSF के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. मोहम्मद ओबेद भी पिछले 600 दिनों से अधिक समय से बिना किसी परिवारिक संपर्क के हिरासत में हैं।

हिरासत में मौतें और मेडिकल लापरवाही

फिजीशियन फॉर ह्यूमन राइट्स इन इजराइल (PHRI) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हिरासत केंद्रों में हो रही मेडिकल लापरवाही और दुर्व्यवहार के कारण अब तक कम से कम 103 कैदियों की मौत हो चुकी है। इन मृतकों में गाजा के पांच मेडिकल वर्कर्स भी शामिल हैं। मेडिकल ऐड फॉर फिलिस्तीनीज (MAP) ने चेतावनी दी थी कि वेस्ट बैंक में स्वास्थ्य कर्मियों को निशाना बनाने का सिलसिला एक बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इसके संबंध में अधिक जानकारी आप ReliefWeb Report पर देख सकते हैं।

मानवाधिकार संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया

मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने अक्टूबर 2023 से हिरासत में लिए गए स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हो रहे कथित टॉर्चर और बुरे बर्ताव के मामलों को दर्ज किया है। इसमें कैदियों को अपमानित करने और जबरन तनाव की स्थिति में खड़े रखने जैसी बातें शामिल हैं। इसके अलावा, MSF ने सैन्य हमलों की जांच बंद किए जाने की कड़ी निंदा की है, जिनमें उनके चार कर्मचारी और रिश्तेदार मारे गए थे। संगठन ने सेना की खुद से जांच करने की प्रक्रिया को नाकाफी बताया है और निष्पक्ष जवाबदेही तय करने की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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