मिडिल ईस्ट (Middle East) से एक बार फिर बहुत ही गंभीर और डराने वाली खबर आ रही है। अगर आप सोच रहे थे कि दुनिया में शांति हो रही है, तो ईरान और अमेरिका के बीच चल रही ताज़ा तनातनी ने सबकी धड़कनें बढ़ा दी हैं।
मामला यह है कि ईरान (Iran) और अमेरिका (USA) एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं, और इस बार धमकियां सिर्फ बातों तक सीमित नहीं लग रहीं।
आइये, आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर वहां चल क्या रहा है और क्या हम किसी बड़े युद्ध की तरफ बढ़ रहे हैं?
🔥 ईरान की खुली धमकी: “हमला किया तो छोड़ेंगे नहीं”
ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाघर गलिबाफ ने अमेरिका को साफ़ लफ्जों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर कोई भी सैन्य कार्रवाई (Military Action) की, तो ईरान चुप नहीं बैठेगा।
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टारगेट पर कौन? ईरान ने कहा है कि उनका निशाना इज़राइल (Israel) होगा और साथ ही मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस और उनके जहाज़ होंगे।

🇺🇸 ट्रंप का ‘एक्शन मोड’: “खेल मत खेलो”
उधर अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (जो इस वक्त सत्ता में हैं) भी फुल एक्शन मोड में दिख रहे हैं।
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चेतावनी: अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान को चेताया है—“हमारे साथ खेल मत खेलो (Don’t play games), ट्रंप जो कहते हैं, वो करते हैं।”
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तैयारी: ट्रंप को ईरान पर ‘सीमित हवाई हमलों’ (Limited Strikes) के विकल्प दिखाए गए हैं। यानी तेहरान या सुरक्षा साइट्स पर मिसाइलें दागी जा सकती हैं।
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सेना अलर्ट पर: करीब 40,000 अमेरिकी सैनिक हाई अलर्ट पर हैं। हालांकि, अभी ‘ग्राउंड ट्रूप्स’ (ज़मीनी सेना) भेजने का कोई प्लान नहीं है।
🇮🇷 ईरान के अंदर क्या हो रहा है?
ईरान की सरकार सिर्फ़ अमेरिका से ही नहीं, अपने ही लोगों से भी लड़ रही है।
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विरोध प्रदर्शन: दिसंबर 2025 से ईरान की सड़कों पर लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। ट्रंप ने इसे ईरान की “आज़ादी की ओर बढ़ते कदम” बताया है।
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क्रैकडाउन: ईरान की आर्मी ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने की कसम खाई है। हालात इतने बुरे हैं कि अब तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है और 2300 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
🕰️ यह आग क्यों भड़की? (फ्लैशबैक)
यह अचानक नहीं हुआ। आपको याद होगा कि जून 2025 में अमेरिका ने ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर हमले किए थे। तब से ही दोनों के बीच तनाव बना हुआ था, जो अब विरोध प्रदर्शनों के कारण और भड़क गया है।
फिलहाल इज़राइल हाई अलर्ट पर है और रूस ने बीच-बचाव (मध्यस्थता) करने की पेशकश की है।
ट्रंप का कहना है, “ईरान मुश्किल में है, हम जोरदार जवाब देंगे, लेकिन उम्मीद है कि हम इससे बच सकते हैं।” यानी अभी भी बातचीत की थोड़ी गुंजाइश बची है, लेकिन एक छोटी सी गलती भी वहां बारूद के ढेर में चिंगारी का काम कर सकती है।
हम इस खबर पर नज़र बनाए हुए हैं।




