यहाँ जेपी इंफ्राटेक के खरीदारों के लिए विस्तृत समाचार रिपोर्ट दी गई है:
रियल एस्टेट सेक्टर में वर्षों से फंस चुके हजारों फ्लैट खरीदारों के चेहरे पर आखिरकार मुस्कान लौटने वाली है। जेपी इंफ्राटेक की लंबे समय से अटकी पड़ीं कई आवासीय परियोजनाओं में अब निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही उन्हें ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट (OC) मिलना शुरू हो गया है। इस विकास ने हजारों परिवारों के लिए अपने सपनों के घर में प्रवेश करने और फ्लैटों का कब्जा (Possession) मिलने का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है। यह खबर उन लोगों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है, जो अपनी गाढ़ी कमाई निवेश करने के बाद सालों से घर के इंतजार में थे।
कुल 159 में से 63 टावरों का निर्माण कार्य हुआ पूरा, 31 टावरों को मिला आधिकारिक ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट
ताजा जानकारी के मुताबिक, जेपी की विभिन्न परियोजनाओं में कुल 159 टावर शामिल हैं। इनमें से अब तक 63 टावरों का निर्माण कार्य पूरी तरह से संपन्न कर लिया गया है। सबसे अहम बात यह है कि इनमें से 31 टावरों को सक्षम प्राधिकरण से ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट यानी ओसी भी प्राप्त हो चुका है, जबकि शेष टावरों के लिए प्रमाण पत्र हासिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है और तेजी से आगे बढ़ रही है। इन टावरों में करीब 6,200 ऐसे खरीदार हैं, जिनका लंबा इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है और वे जल्द ही अपने घरों में गृह प्रवेश कर सकेंगे।
कॉसमॉस और क्लासिक समेत इन प्रमुख प्रोजेक्ट्स के फ्लैट खरीदारों का खत्म हुआ वनवास
जिन परियोजनाओं को ओसी मिलने की पुष्टि हुई है, उनमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की कई प्रमुख सोसाइटियां शामिल हैं। जिन प्रोजेक्ट्स के टावरों को हरी झंडी मिली है, उनमें मुख्य रूप से जेपी कॉसमॉस (Kosmos) के 11 टावर शामिल हैं, जिनमें 1078 फ्लैट हैं। इसके अलावा जेपी क्लासिक के 6 टावर (674 फ्लैट), जेपी केन्सिंग्टन बुलेवार्ड (Kensington Boulevard) के 9 टावर (818 फ्लैट) और केन्सिंग्टन पार्क के 5 टावर (565 फ्लैट) शामिल हैं। इन परियोजनाओं को ओसी मिलने का सीधा अर्थ है कि यहाँ बने हजारों फ्लैट अब कानूनी रूप से रहने योग्य माने गए हैं और खरीदार यहाँ शिफ्ट होने की तैयारी कर सकते हैं।
सुरक्षा ग्रुप के टेकओवर के बाद लौटी प्रोजेक्ट्स में जान, 20 हजार से ज्यादा परिवारों को जगी उम्मीद
जब से जेपी इंफ्राटेक की परियोजनाओं के प्रबंधन की कमान सुरक्षा समूह (Suraksha Group) के हाथों में आई है, तब से जमीनी स्तर पर काम में भारी तेजी देखने को मिली है। आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी 2024 में जहां केवल 62 टावरों पर ही काम चल रहा था, वहीं अब सक्रिय रूप से 97 टावरों पर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रबंधन का लक्ष्य है कि साल 2025 तक चरणबद्ध तरीके से फ्लैट्स डिलीवर किए जाएं। जेपी की इन सभी परियोजनाओं से कुल मिलाकर 20,000 से अधिक खरीदार जुड़े हुए हैं, और निर्माण कार्य में आई इस तेजी ने उन सभी के मन में घर मिलने की उम्मीद फिर से जगा दी है।
फ्लैट तैयार होते ही तुरंत ओसी के लिए किया जा रहा आवेदन, बिजली-पानी और रजिस्ट्री का रास्ता साफ
परियोजनाओं में आए इस सकारात्मक बदलाव पर कंपनी प्रबंधन का रुख भी स्पष्ट है। जेपी इंफ्राटेक के कार्यकारी निदेशक जय पोंचिया ने स्पष्ट किया है कि नियमों के तहत निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है और जैसे ही फ्लैट तैयार होते हैं, तुरंत ओसी के लिए आवेदन किया जा रहा है ताकि खरीदारों को जल्द से जल्द कब्जा दिया जा सके। ओसी मिलने से खरीदारों को दोहरे लाभ होंगे—एक तो उन्हें बिजली और पानी का कनेक्शन आसानी से मिल सकेगा, और दूसरा, फ्लैट की रजिस्ट्री और मालिकाना हक की प्रक्रिया बिना किसी कानूनी अड़चन के पूरी हो सकेगी।





