सऊदी अरब ने युद्धग्रस्त यमन के पुनर्निर्माण और आर्थिक मदद के लिए अपना खजाना खोल दिया है। सऊदी किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देश पर यमन के लिए 1.9 अरब सऊदी रियाल (लगभग 50.7 करोड़ डॉलर) के विकास पैकेज की घोषणा की गई है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने हाल ही में यमन से अपनी उपस्थिति वापस ले ली है।
UAE की वापसी और सऊदी की नई रणनीति
जनवरी 2026 की शुरुआत में UAE द्वारा यमन से अपनी सेना वापस बुलाने के बाद, सऊदी अरब ने वहां अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इस भारी-भरकम आर्थिक पैकेज को सऊदी अरब के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशद अल-अलीमी से मुलाकात की और यमन की स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
28 प्रोजेक्ट्स से बदलेगी यमन की तस्वीर
सऊदी अरब के इस नए पैकेज के तहत यमन के 10 अलग-अलग गवर्नरेट (प्रांतों) में कुल 28 विकास परियोजनाओं और पहलों को शुरू किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य यमन को लंबे समय से चल रहे संघर्ष से बाहर निकालकर आर्थिक सुधार और विकास की पटरी पर लाना है। इन परियोजनाओं का संचालन ‘सऊदी डेवलपमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम फॉर यमन’ (SDRPY) के तहत किया जाएगा।
पानी और बिजली की समस्या का समाधान
यमन में बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए ऊर्जा और जल सुरक्षा पर खास ध्यान दिया गया है। इस पैकेज के तहत अदन (Aden) में यमन का पहला डिसालिनेशन प्लांट (खारे पानी को मीठा बनाने का संयंत्र) लगाया जाएगा। इसके अलावा, ताइज में 30 मेगावाट का बिजली संयंत्र स्थापित किया जाएगा और पूरे देश में मौजूदा बिजली घरों को चलाने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की मदद दी जाएगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष जोर
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अल-महरा में ‘किंग सलमान मेडिकल एंड एजुकेशनल सिटी’ का काम पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही, अदन में ‘प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अस्पताल’ का संचालन अगले तीन साल तक जारी रखा जाएगा और अल-मोखा अस्पताल को भी सुचारू रूप से चलाने में मदद दी जाएगी। सरकार के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में नए स्कूल और अस्पताल बनाने की योजना भी शामिल है।
सड़कें और एयरपोर्ट का कायाकल्प
ट्रांसपोर्ट और कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए अदन एयरपोर्ट के पुनर्वास के दूसरे और तीसरे चरण पर काम होगा। मारिब में अल-अबर सड़क का विस्तार और हधरामौत में अल-अबर से सियुन सड़क की मरम्मत की जाएगी। इसके अलावा तटीय सड़कों के निर्माण और अपग्रेडेशन पर भी पैसा खर्च किया जाएगा, जिससे यमन में व्यापार और आवाजाही आसान हो सके।
Last Updated: 19 January 2026




