सऊदी अरब का Red Sea प्रोजेक्ट अब विदेशियों के लिए प्रॉपर्टी खरीदने का पहला बड़ा परीक्षण बन गया है। इस महीने से एक नया कानून लागू हुआ है, जिसके तहत गैर-सऊदी नागरिक खास इलाकों में संपत्ति खरीद सकते हैं। Driven Properties के CEO Abdullah Al Ajaji के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय खरीदार अभी से यूनिट्स खरीद रहे हैं। यह नया कानून 2000 से चले आ रहे पुराने और कड़े नियमों की जगह ले रहा है।
क्या है नया प्रॉपर्टी कानून?
सऊदी अरब में इस महीने से ‘गैर-सऊदी लोगों के रियल एस्टेट स्वामित्व पर नया कानून’ लागू हो गया है। इसने 2000 से चले आ रहे एक पुराने और पाबंदी वाले सिस्टम की जगह ले ली है।
यह कानून विदेशी लोगों और कंपनियों को रिहायशी, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और खेती से जुड़ी प्रॉपर्टी खरीदने की इजाजत देता है। लेकिन ये प्रॉपर्टी उन्हीं इलाकों में खरीदी जा सकेंगी, जिन्हें कैबिनेट, रियल एस्टेट जनरल अथॉरिटी की सिफारिश पर तय करेगा। अभी तक इन खास इलाकों की लिस्ट जारी नहीं हुई है, लेकिन Red Sea जैसे बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स को इनमें सबसे पहले शामिल किए जाने की उम्मीद है।
Red Sea प्रोजेक्ट की खासियतें क्या हैं?
Red Sea प्रोजेक्ट सऊदी अरब के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है। Red Sea Global इसे बना रहा है। यह किंगडम के उत्तर-पश्चिमी तट पर करीब 28,000 वर्ग किलोमीटर में फैला है और इसमें 90 से ज्यादा द्वीप आते हैं।
- योजना है कि 2030 तक इसमें 50 रिसॉर्ट्स होंगे, जिनमें करीब 8,000 होटल रूम्स और 1,000 से ज़्यादा रिहायशी प्रॉपर्टीज़ होंगी।
- पहला चरण कुछ हद तक पूरा हो चुका है। 2023 के आखिर से अब तक 16 में से पांच रिसॉर्ट खुल चुके हैं, जिनमें Six Senses Southern Dunes, Ritz-Carlton Reserve Nujuma और Shebara शामिल हैं।
- Shura Island पर और भी रिसॉर्ट 2025 तक खुलने वाले हैं।
- Red Sea International Airport और Shura Links (सऊदी अरब का पहला आइलैंड गोल्फ कोर्स) जैसे सपोर्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से चालू हैं।
Driven Properties के CEO Abdullah Al Ajaji ने बताया कि पहले ब्रोकरों को दिक्कत होती थी, लेकिन अब उन्हें ग्लोबल सेल्स के लिए काम मिल रहे हैं। यहां की कई प्रॉपर्टीज़ की कीमत 4 मिलियन रियाल से ज़्यादा है, जो प्रीमियम रेसिडेंसी प्रोग्राम (लंबे समय तक रहने की अनुमति) के लिए जरूरी है।
खरीदारों की रुचि और नियम क्या हैं?
शुरुआती विदेशी खरीदारों में ऐसे लोग शामिल हैं जिनका UAE से कनेक्शन है या जिन्होंने पहले दुबई में प्रॉपर्टी खरीदी है। Al Ajaji ने बताया कि दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया से डिमांड तेज़ी से बदल रही है, जबकि यूरोप, अमेरिका और रूस के खरीदार कीमतों और जोखिम का आकलन करने में ज़्यादा समय ले रहे हैं।
नए कानून के तहत कुछ खास नियम हैं:
- सऊदी अरब में रहने वाले विदेशी लोग तय किए गए इलाकों के बाहर एक पर्सनल रेसिडेंस खरीद सकते हैं, लेकिन इसमें मक्का और मदीना शामिल नहीं हैं।
- जो विदेशी सऊदी अरब में नहीं रहते, वे सिर्फ अप्रूव्ड इलाकों में ही प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं, जब उनकी घोषणा हो जाएगी।
- विदेशियों से जुड़े सभी लेनदेन रजिस्टर होने चाहिए और उन पर सऊदी अरब का रियल एस्टेट ट्रांसफर टैक्स लगेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और प्रॉपर्टी बेचने पर मजबूर भी किया जा सकता है।
Red Sea की प्रॉपर्टी को दूसरी घर या छुट्टी बिताने की जगह के तौर पर देखा जा रहा है, न कि प्राइमरी घर के तौर पर। यह रियाद के बड़े हाउसिंग मार्केट से अलग है।
सऊदी अरब में रियल एस्टेट का बड़ा प्लान
यह नीतिगत बदलाव ऐसे समय में आया है जब सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में से एक को आगे बढ़ा रहा है।
- 2016 में नेशनल ट्रांसफॉर्मेशन प्लान शुरू होने के बाद से अब तक करीब 1.3 ट्रिलियन डॉलर के रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की घोषणा हुई है।
- सितंबर 2024 के अंत तक 164 बिलियन डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट दिए जा चुके हैं।
- अनुमान है कि 2030 तक पूरे किंगडम में 1 मिलियन से ज़्यादा रिहायशी यूनिट्स तैयार हो जाएंगी।
रियाद के हाउसिंग मार्केट में पिछले पांच सालों में कीमतों में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। 2019 के मुकाबले अपार्टमेंट की कीमतें करीब 75% और विला की कीमतें करीब 40% बढ़ गई हैं। 2024 में रिहायशी लेनदेन में सालाना 40% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई।
डिस्क्लेमर: शेयर मार्केट या रियल एस्टेट में निवेश जोखिम भरा हो सकता है। कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह ज़रूर लें।
Last Updated: 22 January 2026





