छत्तीसगढ़ में एक स्टील प्लांट में हुए भीषण ब्लास्ट में छह मजदूरों की जान चली गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. यह दर्दनाक घटना गुरुवार सुबह हुई जब एक डस्ट सेटलिंग चैंबर फट गया. जान गंवाने वाले सभी मजदूर बिहार के गया जिले के रहने वाले थे.
बलौदाबाजार-भाटापारा में हुआ दर्दनाक हादसा
यह घटना गुरुवार सुबह करीब 10 बजे बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की निपनिया तहसील के ग्राम बकुलार्ही स्थित रियल स्टील संयंत्र में हुई. जानकारी के अनुसार, डस्ट सेटलिंग चैंबर के फटने से यह हादसा हुआ, जिससे गर्म राख और डस्ट के कारण मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे.
जान गंवाने वाले और घायल मजदूर
इस हादसे में बिहार के गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र के निवासी श्रवण कुमार, राजदेव कुमार, जितेंद्र भुईयां, बद्री भुईयां, विनय भुईयां और सुंदर भुईयां की मौत हो गई. वहीं, पांच अन्य श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए. इनमें बिहार के गया जिले के कल्पू भुईयां और रामू भुईयां तथा झारखंड के गढ़वा जिले के थाना मेराल के शबीर अंसारी, मुमताज अंसारी और शराफत अंसारी शामिल हैं. सभी घायलों को बिलासपुर स्थित बर्न एंड ट्रॉमा रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. घायलों को 10 से 40 प्रतिशत तक जलने की चोटें आई हैं.
प्रशासन और कंपनी की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर दीपक सोनी और एसपी भावना गुप्ता सहित पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी संयंत्र पहुंचे. उन्होंने राहत और बचाव कार्य की देखरेख की और बताया कि बचाव अभियान पूरा हो चुका है और मृतकों की पहचान कर ली गई है. कलेक्टर ने बताया कि डस्ट सेटलिंग चैंबर का तापमान अत्यधिक होता है. प्रशासन ने कंपनी के एचआर और लेबर डिपार्टमेंट को मृतकों के परिजनों और घायलों को उचित मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं. कंपनी प्रबंधन ने घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन भी दिया है. छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कलेक्टर से चर्चा कर पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
सुरक्षा मानकों पर सवाल
स्थानीय लोगों और श्रमिकों ने प्लांट प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है. घटना के समय प्लांट में मौजूद श्रमिक जोगिंदर राम और रामस्वरूप ने बताया कि भट्टे के पास सफाई का काम चल रहा था. अचानक धुआं उठने लगा और कुछ ही क्षणों में गर्म राख गिरने लगी. प्लांट में कुल लगभग 500 श्रमिक कार्यरत हैं, जिनमें से 400 स्थाई और 100 ठेका श्रमिक हैं.




