भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में निपाह वायरस ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। कोलकाता के पास बारासात शहर में इस खतरनाक वायरस के 5 मामले सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम को बंगाल भेजा है और सभी राज्यों को सतर्क रहने को कहा है।
कब और कहाँ मिले निपाह के मरीज?
इस वायरस का प्रकोप पश्चिम बंगाल के बारासात में देखने को मिला है। सबसे पहले 13 जनवरी 2026 को दो नर्सों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और 23 जनवरी तक कुल 5 लोग संक्रमित पाए गए हैं। यह सभी मरीज मेडिकल स्टाफ से जुड़े हुए हैं।
किन लोगों को हुआ है संक्रमण?
स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार संक्रमितों में डॉक्टर और नर्स शामिल हैं। मरीजों का विवरण इस प्रकार है:
| पद | संख्या |
|---|---|
| नर्स | 3 |
| डॉक्टर | 1 |
| हेल्थ वर्कर | 1 |
सभी मरीजों को कोलकाता के बेलघाटा आईडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ एक महिला नर्स की हालत गंभीर बनी हुई है।
सरकार ने सुरक्षा के लिए क्या किया?
वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगभग 100 लोगों को होम क्वारंटीन में रखा गया है। ये वो लोग हैं जो मरीजों के संपर्क में आए थे। केंद्र सरकार की टीम मौके पर मौजूद है और हालात पर नजर रख रही है। इसके अलावा, थाईलैंड जैसे देशों ने पश्चिम बंगाल से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है।
निपाह वायरस कैसे फैलता है?
निपाह एक गंभीर वायरस है जो चमगादड़ या सूअरों से इंसानों में फैलता है। यह दूषित खाना खाने या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी हो सकता है। मौजूदा मामलों में अस्पताल के अंदर संक्रमण फैलने की बात सामने आई है, इसलिए मेडिकल स्टाफ को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
क्या इस बीमारी का कोई इलाज है?
फिलहाल निपाह वायरस के लिए कोई वैक्सीन या पक्का इलाज उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर मरीजों के लक्षणों के आधार पर उनका उपचार कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे एक उच्च जोखिम वाला वायरस माना है, इसलिए बचाव ही सबसे बेहतर उपाय है।




