खाड़ी देशों (Gulf Countries) में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। भारतीय रुपया (INR) अमेरिकी डॉलर और अन्य खाड़ी मुद्राओं के मुकाबले ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया है। इसका सीधा मतलब है कि जब प्रवासी अब अपने घर पैसा भेजेंगे, तो उनके परिवार को पहले के मुकाबले ज्यादा रकम मिलेगी। 27 जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है।
आज का करेंसी एक्सचेंज रेट
बाजार में रुपये की गिरावट के कारण प्रमुख मुद्राओं के दाम बढ़ गए हैं। नीचे दी गई टेबल में ताजा रेट देखे जा सकते हैं:
| करेंसी | रेट (INR में) |
|---|---|
| USD (अमेरिकी डॉलर) | 91.70 – 92.21 रुपये |
| AED (यूएई दिरहम) | 24.97 – 25.04 रुपये |
| KWD (कुवैती दिनार) | 300.60 – 300.82 रुपये |
रुपया कमजोर होने का कारण
रुपये में आई इस गिरावट के पीछे कई बड़े आर्थिक कारण हैं:
- विदेशी फंड की निकासी: विदेशी निवेशकों (FIIs) ने जनवरी 2026 में अब तक भारतीय बाजार से 40,700 करोड़ रुपये से ज्यादा निकाल लिए हैं।
- युद्ध का तनाव: अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच टैरिफ और ग्रीनलैंड को लेकर चल रही तनातनी से बाजार में डर का माहौल है।
- सोने की मांग: लोग करेंसी छोड़कर सोना और चांदी खरीद रहे हैं, जिससे रुपये पर दबाव बना है।
सऊदी और कुवैत से जुड़ी नई खबरें
करेंसी के अलावा खाड़ी देशों ने प्रवासियों के लिए कुछ नए नियम भी लागू किए हैं:
- सऊदी अरब: 22 जनवरी 2026 से नए नियम लागू हुए हैं, जिसके तहत अब विदेशी नागरिक (Non-Saudis) भी वहां प्रॉपर्टी खरीद सकेंगे। इसके लिए डिजिटल पोर्टल शुरू किया गया है।
- कुवैत: कुवैत ने ‘वीजा-ऑन-अराइवल’ (Visa on Arrival) की सुविधा को आसान बना दिया है और कुछ कैटेगरी के लिए 15 साल तक का रेजिडेंसी परमिट देने का ऐलान किया है।
यूएई में भी नियमों में बड़ा बदलाव
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी प्रवासियों के लिए कई सहूलियतें दी हैं:
- गोल्डन वीजा: अब 15 साल से ज्यादा अनुभव वाले नर्स, एआई एक्सपर्ट्स और ई-स्पोर्ट्स खिलाड़ियों को भी गोल्डन वीजा मिलेगा।
- ड्राइविंग लाइसेंस: टेक्सास (USA) और सर्बिया समेत 57 देशों के लोग अब बिना टेस्ट दिए अपना ड्राइविंग लाइसेंस यूएई लाइसेंस से बदलवा सकते हैं।




