संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में जेलों में बंद 900 से ज्यादा भारतीय कैदियों के लिए गणतंत्र दिवस के मौके पर बड़ी खुशखबरी आई है। UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने मानवता के नाते इन कैदियों की रिहाई के आदेश दिए हैं। भारतीय दूतावास को इसकी जानकारी दे दी गई है और कागजी कार्रवाई भी शुरू हो गई है। यह फैसला भारत और UAE के बीच मजबूत होते रिश्तों का एक बड़ा संकेत है।
रिहाई और जुर्माने को लेकर अहम जानकारी
UAE सरकार ने साफ किया है कि जिन कैदियों को रिहा किया जा रहा है, उन पर किसी भी तरह का वित्तीय बोझ नहीं रहने दिया जाएगा। सरकार ने कैदियों के सभी अदालती जुर्माने और पेनाल्टी को खुद चुकाने का फैसला लिया है ताकि वे बिना किसी कर्ज के अपने वतन लौट सकें।
- रिहा होने वाले कैदियों की संख्या 900 से अधिक है।
- राष्ट्रपति ने कुल 2,937 कैदियों की माफी को मंजूरी दी है।
- भारतीय दूतावास को 23 जनवरी 2026 तक आधिकारिक सूची मिल चुकी है।
- मंत्रालय सभी तरह के कोर्ट और इमिग्रेशन जुर्माने का निपटारा कर रहा है।
दूतावास की भूमिका और आगे की प्रक्रिया
अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास अब इन कैदियों की वतन वापसी के लिए जरूरी यात्रा दस्तावेज यानी ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स तैयार करने में जुटा है। यह प्रक्रिया 25 जनवरी 2026 से ही सक्रिय रूप से चल रही है। दूतावास ने सलाह दी है कि रिहा होने वाले लोग और उनके परिजन अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर अपनी कागजी कार्रवाई जल्द पूरी करें। इससे उन्हें भारत वापस जाने के लिए एग्जिट परमिट मिलने में आसानी होगी और भविष्य में किसी कानूनी रुकावट का सामना नहीं करना पड़ेगा।




