संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (MBZ) गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को मास्को पहुंच गए हैं। वहां उन्होंने क्रेमलिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक अहम बैठक की। इस मुलाकात का मुख्य मकसद मिडिल ईस्ट में चल रही उथल-पुथल और ईरान को लेकर बढ़ते तनाव पर चर्चा करना था। पुतिन ने साफ किया कि वे क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए UAE के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
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ईरान के मुद्दे पर रूस ने क्या कहा?
राष्ट्रपति पुतिन ने बातचीत की शुरुआत में ही कहा कि रूस ईरान की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य ताकत का इस्तेमाल किया गया, तो इससे पूरे क्षेत्र में भारी अव्यवस्था फैल जाएगी। यह बयान तब आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया था। रूस का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के रास्ते अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।
दोनों देशों के बीच इन मुद्दों पर हुई बात
बैठक में सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने एनर्जी, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करने पर बात की। UAE की भूमिका यहां एक मध्यस्थ के रूप में भी अहम है, क्योंकि उसने हाल ही में रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की मेजबानी भी की थी। इसके अलावा, शेख मोहम्मद बिन जायद और पुतिन ने आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के लिए पुराने समझौतों पर भी चर्चा की।




