अहमदाबाद से लंदन जा रही Air India की फ्लाइट AI171 के दुखद हादसे के बाद बीमा राशि को लेकर नई जानकारी सामने आई है। ताजा रिपोर्ट्स बताती हैं कि एयरलाइन को विमान के नुकसान के बदले बीमा कंपनियों से लगभग 1,145 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। वहीं, इस हादसे के शिकार हुए लोगों के परिवारों को अब तक कुल 228 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर इन आंकड़ों को लेकर काफी चर्चा हो रही है कि पीड़ितों को विमान की कीमत का केवल 20 प्रतिशत ही क्यों मिला है।
बीमा राशि में क्यों है इतना बड़ा अंतर?
इस अंतर को लेकर बीमा क्षेत्र के जानकारों ने स्थिति स्पष्ट की है। विशेषज्ञों का कहना है कि विमान का बीमा ‘हस’ (Hull) यानी मशीन के लिए होता है, जिसका निपटारा तुरंत कर दिया जाता है क्योंकि यह एक निश्चित संपत्ति है। यही वजह है कि Air India को 1,145 करोड़ रुपये का भुगतान जल्दी हो गया है। दूसरी तरफ, यात्रियों के लिए दिया जाने वाला मुआवजा ‘लायबिलिटी क्लेम’ के तहत आता है। इसमें हर यात्री के कानूनी वारिसों की पहचान और दस्तावेजों की जांच में समय लगता है, इसलिए यह प्रक्रिया लंबी चलती है।
पीड़ित परिवारों को कुल कितना पैसा मिलेगा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी जो 228 करोड़ रुपये बांटे गए हैं, वह केवल शुरुआती मदद या अंतरिम राहत है। अंतिम सेटलमेंट में यह राशि काफी अधिक होने का अनुमान है। जानकारों का मानना है कि सारी प्रक्रिया पूरी होने पर कुल मुआवजा 3,000 से 4,000 करोड़ रुपये तक जा सकता है।
- मॉन्ट्रियल कन्वेंशन नियम: इसके तहत प्रति यात्री न्यूनतम 1.6 से 1.8 करोड़ रुपये का मुआवजा तय है।
- टाटा ग्रुप की मदद: कंपनी ने अपनी तरफ से हर पीड़ित परिवार को अलग से 1 करोड़ रुपये देने की बात कही है।
- सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले की जांच को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई की मंजूरी दी है।




