दुबई की एक अदालत ने नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में एक एशियाई प्रवासी को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। दुबई क्रिमिनल कोर्ट ने 30 जनवरी 2026 को यह फैसला सुनाया। आरोपी ने कोर्ट में दलील दी थी कि उसे अपने बैग में मौजूद नशीले पदार्थों की जानकारी नहीं थी, लेकिन अदालत ने उसकी दलील को खारिज कर दिया। सजा पूरी होने के बाद उसे यूएई से वापस उसके देश भेज दिया जाएगा।
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कोर्ट में क्या दी गई सफाई?
सुनवाई के दौरान आरोपी के वकीलों ने कहा कि यह बैग उसकी गर्लफ्रेंड ने पैक किया था। आरोपी का कहना था कि उसकी गर्लफ्रेंड को लगा कि वह अपने ही देश के किसी दूसरे शहर में यात्रा कर रहा है, जहां नशीले पदार्थों का सेवन अपराध नहीं माना जाता। उसे यह नहीं पता था कि वह दुबई जा रहा है।
हालांकि, दुबई की अदालत ने इस अज्ञानता के बचाव को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यूएई में प्रवेश करते समय नशीले पदार्थों का पास होना ही अपराध है। दुबई कस्टम्स के अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर स्कैनिंग के दौरान सूटकेस में कुछ असामान्य चीजें देखी थीं, जिसके बाद तलाशी में ड्रग्स बरामद हुए।
सजा और जुर्माने का विवरण
अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी पर भारी जुर्माना और कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में फैसला ‘फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 30 ऑफ 2021’ के तहत सुनाया गया है।
- जेल की सजा: 10 साल का कठोर कारावास।
- जुर्माना: 100,000 दिरहम (लगभग 27,225 डॉलर)।
- कार्रवाई: सजा काटने के बाद अनिवार्य डिपोर्टेशन (देश से निकासी)।
- जब्ती: पकड़े गए सभी नशीले पदार्थों को जब्त कर लिया गया है।




