गाजा में शनिवार, 31 जनवरी 2026 को हुए इजराइली हमलों में कम से कम 12 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई है। मरने वालों में 6 बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं। यह घटना तब हुई है जब रविवार, 1 फरवरी से रफाह बॉर्डर (Rafah Crossing) को फिर से खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मई 2024 के बाद यह पहली बार होगा जब लोग इस रास्ते से आ-जा सकेंगे, हालांकि इसके लिए कड़े नियम बनाए गए हैं।
हमले में कहां और कितना हुआ नुकसान?
शनिवार को हुए हमलों में गाजा सिटी और खान यूनिस (Khan Younis) में भारी नुकसान हुआ है। गाजा सिटी में एक रिहायशी इमारत पर हुए हमले में तीन बच्चे, उनकी चाची और दादी की मौत हो गई। वहीं, खान यूनिस में एक टेंट कैंप पर हुए हमले के बाद आग लग गई, जिसमें एक पिता, उनके तीन बच्चे और तीन पोते-पोतियों समेत सात लोग मारे गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में हुए युद्धविराम (Ceasefire) के बाद से अब तक इजराइली गोलीबारी में 500 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। हाल ही में इजराइली बंधक Ran Gvili के अवशेष मिलने के बाद बॉर्डर खोलने पर सहमति बनी थी, लेकिन हिंसा की ताजा घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।
रफाह बॉर्डर पार करने के लिए क्या हैं नए नियम?
रविवार से खुलने वाले रफाह बॉर्डर के लिए कई सख्त नियम लागू किए गए हैं। फिलहाल यहां से सिर्फ पैदल यात्रियों को आने-जाने की अनुमति होगी। किसी भी तरह का सामान या कार्गो रफाह के रास्ते नहीं जाएगा, वह केरेम शालोम (Kerem Shalom) बॉर्डर से ही भेजा जाएगा। सुरक्षा के लिए इजराइल की सुरक्षा एजेंसी Shin Bet सभी यात्रियों के नामों की जांच करेगी।
बॉर्डर पर निगरानी के लिए यूरोपीय संघ (EU) की टीम तैनात रहेगी। इजराइल सीधे गेट पर मौजूद नहीं होगा, लेकिन वह चेहरे पहचानने वाली तकनीक (Facial Recognition) और कैमरों के जरिए दूर से ही निगरानी करेगा। इसके अलावा, यात्रियों को एक अलग स्कैनिंग कॉरिडोर से गुजरना होगा जिसे IDF कंट्रोल करेगी। शुरुआत में हर दिन केवल 150 से 200 लोगों को ही यात्रा करने की अनुमति मिलेगी।
यात्रा का खर्च और मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति
रफाह बॉर्डर से निकलने के लिए लोगों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रैवल लिस्ट में नाम शामिल करवाने के लिए फिलिस्तीनी लोग दलालों या कंपनियों को 5,000 से 10,000 डॉलर (लगभग 4 से 8 लाख रुपये) तक देने को मजबूर हैं। हालांकि, मिस्र सरकार आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी भी फीस लेने से इनकार करती है।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, अभी करीब 20,000 बीमार और घायल लोग इलाज के लिए बाहर जाने का इंतजार कर रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत हर दिन केवल 50 लोगों को गाजा वापस आने की अनुमति दी जाएगी, जिससे वहां फंसे लोगों की मुश्किलें अभी भी बनी हुई हैं।




