पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सेना का बड़ा एक्शन, 40 घंटे में 145 आतंकी ढेर
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। सेना के इस आक्रामक अभियान में पिछले 40 घंटों के भीतर 145 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया है। हालात की गंभीरता और ऑपरेशन के पैमाने को देखते हुए पूरे प्रांत में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ती आतंकी गतिविधियों के जवाब में की गई है, जिससे आतंकी संगठनों में हड़कंप मच गया है।
मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने की बड़ी कामयाबी की पुष्टि, कहा- राज्य की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने रविवार को क्वेटा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस ऑपरेशन की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों के बेहतर तालमेल के कारण आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रांत में शांति स्थापित करना है और जो भी तत्व हथियार उठाकर राज्य की संप्रभुता को चुनौती देंगे, उनके साथ इसी तरह सख्ती से निपटा जाएगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान आतंकियों के पूर्ण सफाए तक जारी रहेगा।
पूरे बलूचिस्तान में हाई अलर्ट घोषित, संवेदनशील इलाकों में सेना की गश्त बढ़ी और सीमाओं पर संदिग्धों की हो रही है सघन तलाशी
इतनी बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने के बाद संभावित जवाबी हमलों के खतरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। प्रांत के सभी प्रमुख शहरों, खास तौर पर क्वेटा और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। शहरों के प्रवेश और निकास द्वारों पर नाकेबंदी कर हर आने-जाने वाले की तलाशी ली जा रही है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सतर्क रहें और अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
आतंकी संगठनों की कमर तोड़ने वाला ऑपरेशन, शांति बहाली और विकास के लिए सरकार ने अपनाया है अब तक का सबसे सख्त रवैया
विशेषज्ञों का मानना है कि बलूचिस्तान के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों में से एक है। 145 आतंकियों का मारा जाना वहां सक्रिय अलगाववादी और चरमपंथी समूहों के लिए एक बड़ा झटका है। सरकार का कहना है कि बलूचिस्तान की जनता शांति और विकास चाहती है, लेकिन कुछ बाहरी और आंतरिक तत्व वहां के माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इस कार्रवाई के जरिए सुरक्षा बलों ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि अब आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।