कतर में अमेरिका ने तैनात किए मोबाइल मिसाइल लॉन्चर, खाड़ी में तनाव के बीच सैन्य तैयारी तेज
अमेरिका ने कतर में स्थित अपने अल-उदेद (Al-Udeid) एयर बेस पर मिसाइल डिफेंस सिस्टम को और अधिक सक्रिय कर दिया है। हालिया सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि पेट्रियट मिसाइल प्रणालियों को अब ट्रकों पर लोड कर मोबाइल बना दिया गया है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इससे पहले अमेरिकी विमान वाहक पोत USS Abraham Lincoln जनवरी के अंत में इस इलाके में पहुंच चुका है और अब एक दूसरे कैरियर को भेजने की तैयारी चल रही है।
कतर और अमेरिका के बीच हुए सैन्य समझौते की जानकारी
कतर और अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए भारी निवेश किया गया है। कतर ने अल-उदेद एयर बेस के रख-रखाव और उसे आधुनिक बनाने के लिए 10 अरब डॉलर का बजट तय किया है। इसके अलावा 2025 में दोनों देशों के बीच 42 अरब डॉलर का बड़ा रक्षा सौदा हुआ था जिसके तहत कई आधुनिक उपकरण खरीदे जा रहे हैं।
| प्रकार | विवरण और लागत |
|---|---|
| रक्षा सौदा 2025 | 42 अरब डॉलर का कुल समझौता |
| MQ-9B ड्रोन | 8 ड्रोन के लिए 2 अरब डॉलर |
| बेस अपग्रेड | अल-उदेद बेस के लिए 10 अरब डॉलर |
| काउंटर ड्रोन तकनीक | रेथियॉन के साथ 1 अरब डॉलर का सौदा |
| बेस विस्तार | 10 साल के लिए मौजूदगी का नया समझौता |
अमेरिकी सेना की नई तैनाती से जुड़ी अहम बातें
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने मिडिल ईस्ट में अपनी सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत कर दिया है। इसमें नए लड़ाकू विमानों की तैनाती और सुरक्षा गारंटी के नियम शामिल हैं। सेना का लक्ष्य किसी भी हवाई खतरे को तुरंत रोकना है।
- USS George H.W. Bush: इस दूसरे विमान वाहक पोत को भी क्षेत्र में तैनात करने पर विचार किया जा रहा है।
- Patriot MIM-104: इन मिसाइल सिस्टम को अब M983 ट्रकों पर तैनात किया गया है ताकि इन्हें तुरंत एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सके।
- सुरक्षा गारंटी: सितंबर 2025 के आदेश के अनुसार अमेरिका कतर पर किसी भी हमले को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानेगा।
- संयुक्त डिफेंस सेल: जनवरी 2026 में हवाई खतरों से रियल-टाइम में निपटने के लिए नया कोऑर्डिनेशन सेंटर शुरू किया गया है।
- विमानों की तैनाती: F-35A और F-15E जैसे लड़ाकू विमानों को भी क्षेत्र में भेजा जा रहा है।




