UAE में 17 फरवरी को चांद देखना हो सकता है खतरनाक, वैज्ञानिकों ने दी आंखों की रोशनी जाने की चेतावनी
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में खगोल वैज्ञानिकों ने आगामी 17 फरवरी को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है. International Astronomical Center (IAC) और अन्य विशेषज्ञों ने बताया है कि इस तारीख को रमजान का चांद देखने की कोशिश करना आंखों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस दिन आसमान में ऐसी स्थिति बन रही है कि अगर किसी ने टेलिस्कोप या दूरबीन से चांद देखने की कोशिश की, तो उसकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है.
विशेषज्ञों का कहना है कि 17 फरवरी, 2026 को चांद का दिखना वैज्ञानिक रूप से लगभग नामुमकिन है. इस वजह से शाबान का महीना पूरे 30 दिन का होने की उम्मीद है और रमजान का पहला दिन 19 फरवरी को हो सकता है. हालांकि, सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा को लेकर जताई गई है.
आखिर क्यों खतरनाक है इस बार चांद देखना?
International Astronomical Center (IAC) ने चेतावनी दी है कि 17 फरवरी को सूरज और चांद एक-दूसरे के बेहद करीब होंगे. जब सूरज डूबेगा, तो चांद और सूरज के बीच की दूरी सिर्फ 1 डिग्री के आसपास रह जाएगी. सुरक्षा के लिहाज से और चांद दिखने के लिए यह दूरी कम से कम 7 डिग्री होनी चाहिए.
खतरा यह है कि अगर कोई व्यक्ति इस समय टेलिस्कोप या हाई-पावर दूरबीन को चांद की दिशा में घुमाता है, तो सूरज की सीधी और तेज किरणें आंखों में प्रवेश कर सकती हैं. इससे आंखों का रेटिना जल सकता है और व्यक्ति अंधा हो सकता है. इसलिए आम लोगों और शौकिया तौर पर चांद देखने वालों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे इस शाम किसी भी उपकरण का इस्तेमाल न करें.
कब शुरू होगा रमजान और क्या है भविष्यवाणी?
चांद की स्थिति को देखते हुए वैज्ञानिकों ने रमजान की शुरुआत को लेकर भी अपनी भविष्यवाणी साझा की है. चूंकि 17 फरवरी को चांद दिखना असंभव बताया गया है, इसलिए इस्लामिक महीना शाबान 30 दिनों का पूरा होगा. इसके आधार पर:
- 17 फरवरी (मंगलवार): चांद दिखने की संभावना नहीं है.
- 19 फरवरी (गुरुवार): UAE में रमजान का पहला दिन होने की प्रबल संभावना है.
ओमान के अधिकारियों ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वैज्ञानिक गणना के आधार पर रमजान 19 तारीख से शुरू होगा. इसी तरह UAE में भी 19 फरवरी से ही पवित्र महीने की शुरुआत मानी जा रही है.
लोगों के लिए क्या है सलाह?
खगोल वैज्ञानिकों और अमीरात एस्ट्रोनॉमी सोसाइटी ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा को प्राथमिकता दें. विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि लोग इस विशेष घटना के लिए महंगे टेलिस्कोप खरीदने में पैसा बर्बाद न करें, क्योंकि 17 तारीख को ये उपकरण न केवल बेअसर होंगे बल्कि हानिकारक भी हो सकते हैं.
UAE की चांद देखने वाली आधिकारिक समिति (Moon-sighting Committee) परंपरा के अनुसार 17 फरवरी की शाम को बैठक करेगी, लेकिन वैज्ञानिक तथ्यों को देखते हुए फैसला पहले से स्पष्ट लग रहा है. कंपनियों और दफ्तरों को भी सलाह दी गई है कि वे 19 फरवरी से रमजान की टाइमिंग के हिसाब से अपनी तैयारी रखें.




