Saudi Arabia Reform: MBS ने बदल दिया पूरा देश, महिलाओं और कामगारों के लिए खोले नए रास्ते
सऊदी अरब अब अपनी पुरानी रूढ़िवादी छवि को पीछे छोड़ते हुए तेजी से बदल रहा है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) के ‘विजन 2030’ के तहत देश में कई ऐसे नियम लागू किए गए हैं, जिनकी कुछ साल पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। पुराने सख्त कानूनों को हटाकर अब आधुनिक जीवनशैली और व्यापार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे वहां रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों दोनों की जिंदगी पर असर पड़ा है। सऊदी की नई पीढ़ी इन बदलावों का खुले दिल से स्वागत कर रही है।
📰: सऊदी विदेश मंत्री ने गाजा शांति के लिए की बड़ी बैठक, 5.8 लाख करोड़ के प्लान पर हुई चर्चा।
सामाजिक नियमों और महिलाओं के अधिकारों में क्या बदला?
सऊदी सरकार ने सबसे बड़ा बदलाव धार्मिक पुलिस यानी ‘मुतवा’ की शक्तियों में किया है। अब वे लोगों को गिरफ्तार नहीं कर सकते और न ही किसी के निजी जीवन में दखल दे सकते हैं। इसके साथ ही न्याय प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए शरिया कानूनों को लिखित रूप दिया गया है। महिलाओं के लिए भी पिछले कुछ सालों में काफी दरवाजे खोले गए हैं, जिससे समाज में उनकी भूमिका बदली है।
- ड्राइविंग और यात्रा: महिलाओं को गाड़ी चलाने की इजाजत मिल गई है और 21 साल से ऊपर की महिलाएं अब बिना किसी पुरुष अभिभावक के विदेश यात्रा कर सकती हैं।
- नौकरी में हिस्सेदारी: सऊदी के वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी 17% से बढ़कर 35% से ज्यादा हो गई है।
- मनोरंजन: 35 साल के बैन के बाद सिनेमाघर खोले गए हैं और अब वहां बड़े म्यूजिक कंसर्ट और खेल आयोजन नियमित रूप से हो रहे हैं।
अर्थव्यवस्था और प्रवासी कामगारों के लिए क्या है खास?
सऊदी अरब अब सिर्फ तेल पर निर्भर नहीं रहना चाहता, इसलिए टूरिज्म और टेक्नोलॉजी पर भारी निवेश कर रहा है। हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए $40 बिलियन का बड़ा फंड बनाने की घोषणा की गई है। वहां काम करने वाले बाहरी लोगों के लिए भी सिस्टम को पहले से बेहतर और पारदर्शी बनाने की कोशिश जारी है।
प्रवासी श्रमिकों के लिए ‘कफाला’ सिस्टम को थोड़ा लचीला बनाया गया है। अब डिजिटल कॉन्ट्रैक्ट अनिवार्य कर दिए गए हैं ताकि कामगारों के अधिकारों की सुरक्षा हो सके और धोखेधड़ी कम हो। ‘नियोम’ (NEOM) जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स और ‘सिंदाला’ द्वीप के खुलने से रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी की गैर-तेल अर्थव्यवस्था में 4.4% की बढ़ोतरी देखी गई है, जो वहां हो रहे बदलावों की रफ्तार बताती है।




