भारतीय पासपोर्ट की ताकत में बड़ा उछाल, अब 56 देशों में बिना वीज़ा मिलेगी एंट्री, रैंकिंग सुधरकर हुई 75
भारतीय पासपोर्ट रखने वालों के लिए विदेश यात्रा से जुड़ी एक बड़ी खबर आई है। फरवरी 2026 की ताजा रिपोर्ट में भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में शानदार सुधार हुआ है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में भारत अब 75वें स्थान पर आ गया है, जबकि पिछले साल यह 85वें स्थान पर था। इस नई रैंकिंग के साथ ही अब भारतीय नागरिक दुनिया के 56 देशों में बिना किसी पूर्व वीज़ा के या फिर वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा के साथ जा सकते हैं।
रैंकिंग में सुधार और नए बदलाव
इस महीने ‘द गाम्बिया’ (The Gambia) को फिर से उन देशों की सूची में शामिल किया गया है जहां भारतीय बिना वीज़ा जा सकते हैं। इससे कुल देशों की संख्या 55 से बढ़कर 56 हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही पिछले साल के मुकाबले एक देश कम है, लेकिन बाकी दुनिया के पासपोर्ट की रैंकिंग गिरने की वजह से भारत को फायदा मिला है और वह ऊपर चढ़ गया है। भारत फिलहाल कोटे डी आइवर, गैबॉन, मेडागास्कर और मॉरिटानिया के साथ 75वें स्थान पर बना हुआ है।
किन देशों के नियमों में आया बदलाव?
अगर आप विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इन देशों के बदले हुए नियमों को जानना जरूरी है:
- द गाम्बिया: यहां भारतीय नागरिक अब 90 दिनों तक बिना वीज़ा रह सकते हैं। इसके लिए पासपोर्ट 6 महीने वैध होना चाहिए और वापसी का टिकट होना जरूरी है।
- ईरान: सुरक्षा कारणों से ईरान ने भारतीयों के लिए वीज़ा-फ्री एंट्री बंद कर दी है, अब वहां जाने के लिए पहले से वीज़ा लेना होगा।
- बोलीविया: यहां अब वीज़ा-ऑन-अराइवल की जगह ई-वीज़ा (e-visa) सिस्टम लागू हो गया है, जिसे इंडेक्स में ‘वीज़ा-फ्री’ नहीं माना जाता है।
पड़ोसी देशों से कितना आगे है भारत?
एशिया और अपने पड़ोसी देशों के मुकाबले भारतीय पासपोर्ट की स्थिति काफी मजबूत है। पाकिस्तान इस लिस्ट में 97वें, बांग्लादेश 93वें, नेपाल 95वें और श्रीलंका 91वें स्थान पर है। वहीं दुनिया में सबसे ताकतवर पासपोर्ट सिंगापुर का है, जिसके नागरिक 192 देशों में बिना वीज़ा जा सकते हैं। जापान और दक्षिण कोरिया दूसरे नंबर पर हैं। यह रैंकिंग IATA के डेटा पर आधारित है जो यात्रा की आजादी और दस्तावेजों की सहूलियत को मापता है।




