दुबई और सऊदी में नौकरी के लिए इन 5 स्किल्स की है भारी मांग, सैलरी में मिल रहा 56% का इजाफा
खाड़ी देशों में काम करने का सपना देख रहे भारतीय युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है। फरवरी 2026 की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुबई, सऊदी अरब और कुवैत में अब पारंपरिक नौकरियों की जगह तकनीकी हुनर रखने वालों की मांग तेजी से बढ़ी है। अगर आपके पास सही स्किल है, तो आपको सामान्य के मुकाबले काफी बेहतर सैलरी मिल सकती है। वहां की कंपनियां अब डिग्री से ज्यादा आपके काम के अनुभव और डिजिटल जानकारी को महत्व दे रही हैं।
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इन 5 स्किल्स वालों को मिल रही सबसे ज्यादा नौकरी
अगर आप खाड़ी देशों में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए 5 क्षेत्रों में हुनरमंद लोगों की भारी कमी है। इन स्किल्स को सीखने वालों को कंपनियां हाथों-हाथ ले रही हैं।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): यहां मशीनों और कंप्यूटर को सिखाने वाले एक्सपर्ट्स की बहुत जरूरत है। ऐसे लोगों को दूसरों के मुकाबले 56% ज्यादा वेतन मिल रहा है।
- क्लाउड कंप्यूटिंग: सरकारी और प्राइवेट काम ऑनलाइन होने से डाटा संभालने वाले इंजीनियरों की मांग बढ़ी है।
- साइबर सिक्योरिटी: बैंकों और सरकारी ऑफिस में डाटा चोरी रोकने के लिए सुरक्षा जानकारों की जरूरत चरम पर है।
- डाटा एनालिटिक्स: बिजनेस को सही दिशा देने के लिए आंकड़ों को समझने वाले लोग चाहिए।
- डिजिटल मार्केटिंग: ऑनलाइन सामान बेचने और मार्केटिंग के लिए जानकार लोगों की तलाश हर कंपनी को है।
सऊदी अरब और कुवैत में बदल गए हैं नियम
नौकरी के साथ-साथ वहां के नियमों को जानना भी बहुत जरूरी है। सऊदी अरब में 19 अप्रैल 2026 से सेल्स और मार्केटिंग की नौकरियों में 60% स्थानीय नागरिकों को रखना अनिवार्य होगा। इसका मतलब है कि इन पदों पर विदेशियों के लिए मौके थोड़े कम हो सकते हैं। वहीं, कुवैत ने अपने रेजिडेंसी नियमों को आसान बनाया है। अब वहां निवेशकों को 15 साल तक का रेजिडेंसी परमिट मिल सकता है, लेकिन वर्क परमिट की फीस बढ़ाकर 20 दिनार कर दी गई है। कुवैत में अब नौकरी करते हुए अपना जॉब टाइटल बदलना मुमकिन नहीं होगा।
दुबई में सैलरी और भर्ती का नया तरीका
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में नौकरी ढूंढने वालों के लिए पारदर्शिता बढ़ाई गई है। 1 जनवरी 2026 से लागू नए नियम के तहत, कंपनियों को नौकरी के विज्ञापन में ही सैलरी की रेंज बतानी होगी। इससे उम्मीदवारों को पहले ही पता चल जाएगा कि उन्हें कितना पैसा मिलेगा। इसके अलावा, अब 70 से 80 फीसदी रिज्यूमे कंप्यूटर सॉफ्टवेयर (AI) द्वारा चेक किए जा रहे हैं। इसलिए अपना बायोडाटा बनाते समय सही शब्दों का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी हो गया है ताकि आपका चयन आसानी से हो सके।




