Epstein Files में पुतिन का नाम आने से मचा हड़कंप, क्या सच में मिली क्लीन चिट जानिए पूरा मामला
सोशल मीडिया और इंटरनेट पर आजकल एक खबर बहुत तेजी से फैल रही है। दावा किया जा रहा है कि जेफरी एपस्टीन की फाइलों के सामने आने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ‘क्लीन चिट’ मिल गई है। लोग कह रहे हैं कि पुतिन ने यूक्रेन के बच्चों को किडनैप नहीं किया था बल्कि उन्हें बचाया था। हकीकत यह है कि यह दावा पूरी तरह से गलत है और एपस्टीन की फाइलों का पुतिन के ऊपर चल रहे अदालती केस से कोई लेना-देना नहीं है।
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एपस्टीन फाइल्स में क्या है पुतिन का कनेक्शन
जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी कारोबारी था जिस पर कम उम्र की लड़कियों के शोषण का गंभीर आरोप था। हाल ही में अदालत ने उससे जुड़े जो दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं, उनमें व्लादिमीर पुतिन का नाम 1000 से ज्यादा बार आया है। जांच में सामने आया है कि यह नाम ज्यादातर पुराने अखबारों की कटिंग या ईमेल में लिखा हुआ मिला है।
इन दस्तावेजों में ऐसा कोई सबूत नहीं है कि पुतिन कभी एपस्टीन से मिले थे। इन फाइलों में रूस और यूक्रेन की लड़ाई या बच्चों के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। फाइलों में नाम होने का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति अपराधी है। क्रेमलिन ने इन बातों को पूरी तरह बकवास बताया है।
ICC वारंट और बच्चों के अपहरण का सच
पुतिन पर लगा आरोप बिल्कुल अलग मामले का है। अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय यानी ICC ने 2023 में पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। यह वारंट यूक्रेन के बच्चों को अवैध तरीके से रूस ले जाने के आरोप में जारी हुआ था। कोर्ट का कहना है कि बच्चों को बिना मर्जी के उनके देश से निकालना एक अपराध है।
एपस्टीन की फाइलों से इस वारंट पर कोई असर नहीं पड़ा है और यह वारंट अभी भी पूरी तरह से मान्य है। इस मामले में दो पक्ष अपनी अलग-अलग बात रखते हैं:
- रूस का पक्ष: मास्को का कहना है कि उन्होंने बच्चों को बमबारी से बचाने के लिए मानवीय आधार पर सुरक्षित जगह भेजा है।
- यूक्रेन का पक्ष: यूक्रेन और पश्चिमी देशों का आरोप है कि रूस ने बिना सहमति के बच्चों को उठाया है और उनकी वापसी मुश्किल कर दी है।




