Kuwait Ramadan Plan: कुवैत में भीख मांगने वालों पर सख्त कार्रवाई शुरू, पकड़े जाने पर सीधे होंगे डिपोर्ट
कुवैत में रमजान के पवित्र महीने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर ने एक नया सिक्योरिटी प्लान लागू किया है जिसके तहत भीख मांगने वालों पर सख्त नजर रखी जा रही है। पिछले 24 घंटों में खैतान और शर्क जैसे इलाकों में पुलिस ने सघन अभियान चलाया है। इस दौरान नियम तोड़ने और भीख मांगने के आरोप में 11 प्रवासियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए इन सभी लोगों को अब डिपोर्टेशन सेंटर भेजा गया है, जहां से उन्हें उनके देश वापस भेजने की तैयारी चल रही है।
भीख मांगने पर तुरंत मिलेगी डिपोर्टेशन की सजा
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर कोई प्रवासी भीख मांगते हुए पकड़ा गया, तो उसे तुरंत कुवैत से डिपोर्ट कर दिया जाएगा। यह नियम सिर्फ मांगने वालों पर ही नहीं, बल्कि उनके स्पॉन्सर पर भी कड़ाई से लागू होगा। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक नियमों को तीन हिस्सों में बांटा गया है:
- फैमिली वीज़ा (आर्टिकल 22): अगर पत्नी या बच्चों में से कोई भीख मांगता पकड़ा गया, तो उस व्यक्ति के साथ-साथ उसके स्पॉन्सर (परिवार के मुखिया) को भी डिपोर्ट कर दिया जाएगा।
- प्राइवेट कंपनी (आर्टिकल 18): कर्मचारी के पकड़े जाने पर कंपनी का लेबर फाइल बंद हो सकता है और कानूनी कार्रवाई होगी।
- घरेलू कामगार (आर्टिकल 20): अगर कोई घरेलू वर्कर पकड़ा जाता है, तो उसके मालिक को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और वह भविष्य में किसी को स्पॉन्सर नहीं कर सकेगा।
पब्लिक में खाने-पीने पर जेल और जुर्माना
रमजान के दौरान दिन के समय सार्वजनिक जगहों पर खाने, पीने या धूम्रपान करने पर भी सख्त पाबंदी रहेगी। 1968 के कानून संख्या 44 के तहत, अगर कोई रोजा रखने के समय में पब्लिक में खाता-पीता पाया गया, तो उसे एक महीने तक की जेल हो सकती है या 100 दीनार तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। मंत्रालय ने कहा है कि सोशल मीडिया पर भीख मांगने वालों पर भी साइबर टीम नजर रख रही है और उनके खिलाफ भी यही कार्रवाई होगी।
हेल्पलाइन नंबर और शिकायत का तरीका
कुवैत प्रशासन ने आम नागरिकों और निवासियों से अपील की है कि वे देश की छवि खराब करने वाले ऐसे लोगों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इसके लिए इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा रेजीडेंसी जांच विभाग के सीधे नंबर 97288211 या 97288200 पर भी संपर्क किया जा सकता है। अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि जरूरतमंद लोगों को मदद के लिए आधिकारिक चैरिटी संगठनों के पास जाना चाहिए, न कि भीख मांगना चाहिए।




