Abu Dhabi के स्कूलों में खाने पर लगा बैन, समोसे और नगेट्स नहीं ला सकेंगे बच्चे, लंचबॉक्स भी होंगे चेक
आबू धाबी के स्कूलों में बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए खाने-पीने की चीजों पर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं। डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन एंड नॉलेज (ADEK) ने साफ कर दिया है कि अब स्कूल कैंटीन और घर से आने वाले लंचबॉक्स (Lunchbox) दोनों में अनहेल्दी खाने पर रोक रहेगी। यह फैसला बच्चों को मोटापे और बीमारियों से बचाने के लिए लिया गया है। स्कूलों ने इस नियम का पालन करवाने के लिए टिफिन की चेकिंग भी शुरू कर दी है, जिससे माता-पिता को अब बच्चों के टिफिन में हेल्दी खाना ही देना होगा।
कौन सी चीजें हैं ‘Red List’ में शामिल?
अधिकारियों ने खाने की चीजों को अलग-अलग कैटेगिरी में बांटा है, जिसमें ‘Red List’ वाली चीजें स्कूलों में पूरी तरह मना हैं। इसमें सबसे ऊपर डीप फ्राइड (Deep-Fried) फूड है, यानी तेल में तली हुई चीजें। इसमें फ्रेंच फ्राइज, चिकन नगेट्स, फ्राइड चिकन, फलाफेल और समोसे शामिल हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अगर आप इन चीजों को तलने के बजाय ओवन में बेक करते हैं या एयर-फ्रायर (Air-fryer) में बनाते हैं, तो बच्चा इसे स्कूल ले जा सकता है।
इसके अलावा, प्रोसेस्ड मीट जैसे हॉट डॉग, सॉसेज, सलामी और पेपरोनी भी बैन हैं। मीठी चीजों में केक, डोनट्स, क्रोइसैन, लॉलीपॉप और ऐसी चॉकलेट जिसमें 50% से कम कोको हो, उन्हें भी नहीं लाया जा सकता। पीने की चीजों में सॉफ्ट ड्रिंक्स, फिजी ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
क्या लंचबॉक्स की भी होगी चेकिंग?
हाँ, नए नियमों के मुताबिक स्कूलों को अधिकार दिया गया है कि वे बच्चों के लंचबॉक्स की अचानक जाँच (Spot-checks) कर सकते हैं। यह नियम केवल कैंटीन के लिए नहीं, बल्कि घर से लाए गए खाने पर भी लागू है। अगर लंचबॉक्स में ‘Red List’ वाला कोई आइटम मिलता है, तो उसे जब्त किया जा सकता है या बच्चे को उसे खाने से रोका जा सकता है। कई स्कूलों ने माता-पिता को ‘रिमाइंडर’ भेजना शुरू कर दिया है ताकि वे अभी से आदत बदल सकें।
सभी स्कूलों को 30 मार्च, 2026 तक इन नियमों का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य होगा। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड खाना खाने से बच्चों की पढ़ाई और नींद पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए यह बदलाव बेहद जरूरी है। भारतीय परिवारों के लिए यह जानना जरूरी है कि समोसे या पकोड़े जैसी चीजें अब सिर्फ एयर-फ्राइड वर्जन में ही स्कूल भेजी जा सकेंगी।




