Kuwait में Ramadan से पहले सख्त आदेश, भीख मांगते पकड़े जाने पर पूरा परिवार होगा डिपोर्ट
कुवैत में रमजान के पवित्र महीने को देखते हुए Ministry of Interior (MOI) ने सुरक्षा और नियमों को लेकर कड़े इंतजाम किए हैं। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि इस बार नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। इसके लिए विशेष सुरक्षा दल बनाए गए हैं जो बाजारों, कमर्शियल इलाकों और मस्जिदों के आसपास 24 घंटे निगरानी रखेंगे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस महीने की पवित्रता बनाए रखना और किसी भी तरह की अवैध वसूली को रोकना है।
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फैमिली वीज़ा (Article 22) वालों के लिए खतरे की घंटी
कुवैत प्रशासन ने विशेष रूप से आर्टिकल 22 यानी डिपेंडेंट वीज़ा पर रहने वाले प्रवासियों को सख्त चेतावनी दी है। नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई महिला या बच्चा भीख मांगते या गलत गतिविधियों में पकड़ा जाता है, तो सिर्फ उसे ही नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार को सजा भुगतनी होगी।
नियम के अनुसार, पकड़े जाने पर डिपेंडेंट के साथ-साथ उसके स्पॉन्सर (पति या पिता) को भी डिपोर्ट कर दिया जाएगा। यानी परिवार के एक सदस्य की गलती की वजह से पूरे परिवार को कुवैत छोड़ना पड़ सकता है। इसके अलावा, विजिट वीज़ा पर आए लोग अगर ऐसा करते पाए गए तो उन्हें तुरंत देश से निकाल दिया जाएगा और बुलाने वाले पर कानूनी कार्रवाई होगी।
सार्वजनिक जगहों पर खाने-पीने और चंदे पर रोक
रमजान के दौरान सार्वजनिक व्यवहार और दान-पुण्य को लेकर भी नियम स्पष्ट कर दिए गए हैं। इनका उल्लंघन करने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
- पब्लिक में खाना-पीना: दिन के समय (रोजे के दौरान) सार्वजनिक रूप से खाने-पीने पर 1 महीने की जेल या 100 दीनार तक का जुर्माना लग सकता है।
- चंदा वसूली: मस्जिदों के अंदर या बाहर नकद चंदा लेना या देना पूरी तरह मना है। दान केवल अधिकृत समितियों को ऑनलाइन माध्यम या K-Net से ही दिया जा सकता है।
- ऑफिस टाइमिंग: रमजान के दौरान MOI के दफ्तरों का काम करने का समय सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक रहेगा।
शिकायत के लिए इमरजेंसी नंबर जारी
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। मंत्रालय ने कहा है कि अगर किसी को भीख मांगने या कानून तोड़ने की कोई गतिविधि दिखाई दे, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे। इसके लिए इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल किया जा सकता है। बाजारों और मस्जिदों के पास लगे सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल भी निगरानी के लिए किया जा रहा है, ताकि उल्लंघन करने वालों पर सबूत के साथ कार्रवाई की जा सके।




