India AI Summit: सऊदी अरब ने भारत में दिखाया दम, विजन 2030 और AI को लेकर दिया बड़ा संदेश
सऊदी अरब ने भारत में हो रहे India AI Impact Summit 2026 में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 19 फरवरी को शुरू हुए इस खास कार्यक्रम में सऊदी अरब ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर दिया है। सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) ने यहाँ बताया कि कैसे वो तकनीक का उपयोग इंसान और समाज की भलाई के लिए कर रहे हैं।
सऊदी अरब का विजन 2030 और AI का रोल
SDAIA के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला बिन शराफ अल-गामदी ने इस मौके पर सऊदी अरब का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब विजन 2030 के तहत काम कर रहा है। इसका मकसद सिर्फ तकनीक को बढ़ाना नहीं बल्कि इसका सही और सुरक्षित इस्तेमाल करना है।
इस समिट में सऊदी अरब ने यह साफ किया कि वो AI का इस्तेमाल मानवता की सेवा और आर्थिक विकास के लिए करना चाहता है। उन्होंने अपने उन नियमों और तरीकों के बारे में भी जानकारी दी जो AI को सुरक्षित बनाते हैं। सऊदी अरब तकनीक की दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारत जैसे देशों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
भारत में हो रहे इस समिट की बड़ी बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समिट के हाई-लेवल सेशन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हम बातों से आगे बढ़कर काम पर ध्यान दें। इस समिट में दुनिया भर से 35,000 से ज्यादा लोग हिस्सा ले रहे हैं। इसमें 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि और माइक्रोसॉफ्ट, गूगल जैसी बड़ी कंपनियों के अधिकारी भी शामिल हैं।
समिट का एक मुख्य हिस्सा ‘New Delhi Declaration’ है। यह एक ऐसा समझौता होगा जिसमें सभी देश मिलकर AI के सही इस्तेमाल का वादा करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नई तकनीक का फायदा सिर्फ अमीर देशों को नहीं, बल्कि विकासशील देशों को भी मिले। भारत ने अपने IndiaAI मिशन के तहत बड़े निवेश की बात भी कही है जिससे रोजगार और नए मौके बनेंगे।





