UAE सरकार का बड़ा फैसला, गाज़ा को फिर से बसाने के लिए 1.2 बिलियन डॉलर देने का किया ऐलान
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने गाज़ा की मदद के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। UAE ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के जरिए गाज़ा में शांति बहाल करने और उसे फिर से बसाने के लिए 1.2 बिलियन डॉलर देने का वादा किया है। वॉशिंगटन में 19 फरवरी 2026 को हुई पहली बैठक में इस फैसले पर मुहर लगी। इस नई अंतरराष्ट्रीय पहल की कमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संभाल रहे हैं।
बोर्ड ऑफ पीस क्या है और कैसे मिलेगी सदस्यता
बोर्ड ऑफ पीस एक ऐसी संस्था है जो गाज़ा में युद्ध के बाद वहां के पुनर्निर्माण और सुरक्षा का काम देखेगी। इसके नियमों के मुताबिक जो भी देश पहले साल में 1 बिलियन डॉलर या उससे ज्यादा की मदद करेगा उसे बोर्ड में स्थायी सीट दी जाएगी। UAE के अलावा सऊदी अरब, कतर और कुवैत जैसे कुल नौ देशों ने मिलकर अब तक 7 बिलियन डॉलर का फंड इकट्ठा किया है। हालांकि गाज़ा को पूरी तरह ठीक करने के लिए लगभग 70 बिलियन डॉलर की जरूरत है।
- अध्यक्षता: डोनाल्ड ट्रंप इस बोर्ड के लाइफटाइम चेयरमैन होंगे।
- सुरक्षा: वहां शांति बनाए रखने के लिए एक इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स (ISF) बनाई गई है।
- पुलिस ट्रेनिंग: गाज़ा के लिए नई पुलिस फोर्स बनाने में मिस्र और जॉर्डन मदद करेंगे।
- भूमिका: यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करेगा ताकि वहां तेजी से विकास हो सके।
UAE की मदद का अब तक का रिकॉर्ड
UAE सिर्फ पैसों से ही नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर भी गाज़ा की मदद कर रहा है। हाल ही में ‘ऑपरेशन चिवल्रस नाइट 3’ के तहत रमजान के लिए खास एयर ब्रिज शुरू किया गया है ताकि लोगों तक जरूरी सामान पहुंच सके। कल ही UAE का 301वां काफिला गाज़ा पहुंचा है जिसमें 290 टन से ज्यादा खाना और राहत सामग्री भेजी गई है।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| UAE की मदद राशि | 1.2 बिलियन डॉलर |
| मदद का हिस्सा | कुल अंतरराष्ट्रीय मदद का 40 प्रतिशत |
| ताज़ा सहायता | 301वां काफिला (290 टन भोजन) |
| कुल फंड लक्ष्य | 70 बिलियन डॉलर |
प्रवासियों और क्षेत्र पर इसका प्रभाव
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहम है। क्षेत्र में शांति और स्थिरता आने से व्यापार और नौकरी के अवसरों पर सकारात्मक असर पड़ता है। UAE के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश ने बताया कि गाज़ा को मिलने वाली कुल अंतरराष्ट्रीय सहायता में 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा अकेले UAE का है। इससे साफ है कि UAE इस क्षेत्र में शांति और खुशहाली लाने के लिए सबसे आगे रहकर काम कर रहा है।




