Saudi Arabia और UAE खरीद रहे हैं दूसरे देशों से बालू, रेगिस्तान होने के बावजूद जानिए क्या है बड़ी मजबूरी
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पास भले ही दुनिया के सबसे बड़े और विशाल रेगिस्तान हों, लेकिन ये देश अपनी बड़ी निर्माण परियोजनाओं के लिए भारी मात्रा में रेत का आयात कर रहे हैं। सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन हकीकत यह है कि ये देश हर साल लाखों टन रेत और मिट्टी दूसरे देशों से मंगवा रहे हैं। 2026 के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब और दुबई अपनी गगनचुंबी इमारतों के लिए स्थानीय रेगिस्तानी रेत का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।
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रेगिस्तान की रेत इमारतों के लिए खराब क्यों है?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि जब चारों तरफ रेत ही रेत है, तो बाहर से क्यों मंगवानी पड़ती है। भूवैज्ञानिकों और एक्सपर्ट्स का कहना है कि रेगिस्तान की रेत हवा से उड़कर गोल और चिकनी (Smooth) हो जाती है। यह कंचे या मार्बल की तरह होती है जो आपस में चिपकती नहीं है।
मजबूत कंक्रीट बनाने के लिए खुरदरी और कोणीय (Angular) रेत की जरूरत होती है, जो अक्सर नदियों के तल या पहाड़ों को तोड़कर (Crushed Rock) मिलती है। यह खुरदरी रेत सीमेंट के साथ मिलकर ‘इंटरलॉक’ हो जाती है और ढांचे को मजबूती देती है। यही वजह है कि बुर्ज खलीफा और निओम (NEOM) जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों से विशेष रेत मंगवाई जाती है।
सऊदी अरब में रेत के दाम और नए सख्त नियम
जनवरी 2026 की रिपोर्ट बताती है कि सऊदी अरब में ‘मिक्स सैंड’ (Mixed Sand) की औसत कीमत बढ़कर 52.39 रियाल (SAR) प्रति क्यूबिक मीटर हो गई है। विजन 2030 के तहत चल रहे निर्माण कार्यों के कारण मांग बहुत ज्यादा है। 2024 में ही सऊदी का कंस्ट्रक्शन सैंड मार्केट 163 मिलियन टन से ज्यादा का रहा था।
कारोबारियों और इम्पोर्टर्स के लिए अब नियम भी बदल गए हैं। सऊदी अरब में 1 अक्टूबर 2025 से SABER सिस्टम पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। अब किसी भी तरह की रेत या निर्माण सामग्री के आयात के लिए डिजिटल ‘शिपमेंट सर्टिफिकेट’ होना जरूरी है। इसके अलावा SASO ने नए कस्टम कोड लागू किए हैं, जिसके तहत हर बैच के लिए PCoC और SCoC सर्टिफिकेट दिखाना होगा। अब कोई भी कंपनी केवल खुद के घोषणा पत्र (Self-declaration) पर माल नहीं मंगा सकती।
बाजार के अहम आंकड़े और भविष्य की मांग
सऊदी अरब और यूएई में चल रहे मेगा प्रोजेक्ट्स के कारण रेत की खपत और बढ़ने वाली है। यूएई ने अकेले 2023 में 6 मिलियन टन से ज्यादा रेत का आयात किया था। नीचे दी गई तालिका में हालिया स्थिति को देखा जा सकता है:
| विवरण (Category) | आंकड़े (Stats) |
|---|---|
| सऊदी अरब में रेत का भाव (Jan 2026) | 52.39 रियाल (SAR) प्रति क्यूबिक मीटर |
| सऊदी सैंड मार्केट वॉल्यूम (2024) | 163.97 मिलियन मीट्रिक टन |
| UAE द्वारा रेत का आयात (2023) | 6 मिलियन टन से अधिक |
| मुख्य सप्लायर्स (Suppliers) | ऑस्ट्रेलिया, चीन, बेल्जियम, भारत |




