Saudi Arabia में 300 साल पुरानी मस्जिद का हुआ कायाकल्प, Prince Mohammed Bin Salman के प्रोजेक्ट से बदली तस्वीर
सऊदी अरब में ऐतिहासिक और पुरानी मस्जिदों को बचाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत रियाद की ऐतिहासिक Al-Qibli Mosque का काम पूरा कर लिया गया है। यह काम Prince Mohammed bin Salman Project for the Development of Historical Mosques के दूसरे चरण का हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट का मकसद राज्य की पुरानी धरोहरों को सुरक्षित रखना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए तैयार करना है। रियाद के Manfuha इलाके में स्थित यह मस्जिद अब नमाजियों के लिए नए रूप में तैयार है।
मस्जिद के क्षेत्रफल और क्षमता में बदलाव
Al-Qibli Mosque का इतिहास काफी पुराना है और इसका निर्माण करीब 1100 हिजरी (लगभग 1689 ईस्वी) में हुआ था। बाद में किंग अब्दुलअज़ीज़ ने भी 1945 में इसका पुनर्निर्माण कराया था। अब इस नए प्रोजेक्ट के तहत मस्जिद को न केवल मजबूत किया गया है, बल्कि इसमें जगह भी बढ़ाई गई है। पहले जहां कम लोग नमाज पढ़ पाते थे, अब वहां ज्यादा लोगों के लिए व्यवस्था की गई है।
- पुराना क्षेत्रफल: 642.85 वर्ग मीटर
- नया क्षेत्रफल: 804.32 वर्ग मीटर
- पुरानी क्षमता: 417 नमाजी
- नई क्षमता: 440 नमाजी
- स्थान: मनफुहा, रियाद (पुराने अमीरात महल के पास)
पुराने तरीके और लोकल सामग्री का इस्तेमाल
इस मस्जिद को दोबारा बनाते समय इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि इसकी ऐतिहासिक पहचान खत्म न हो। इसे रियाद की पारंपरिक ‘नज्दी’ शैली में बनाया गया है। निर्माण में आधुनिक सीमेंट के बजाय मिट्टी, पत्थर और स्थानीय लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है। सऊदी इंजीनियरों ने लकड़ी को पुराने तरीकों से ही ट्रीट किया है ताकि वह सैकड़ों सालों तक खराब न हो। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य पुरानी विरासत को बचाना और साथ ही उसे नमाजियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।




