CM Yogi Japan Visit: जापान में योगी ने देखा हाइड्रोजन प्लांट, यूपी के लिए लाए हजारों करोड़ का निवेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 फरवरी 2026 को जापान के यामानाशी प्रान्त में स्थित कोमेकुरायमा हाइड्रोजन फैसिलिटी का दौरा किया। यह दौरा सिंगापुर और जापान की उस यात्रा का हिस्सा है जिसका मकसद उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाना है। 2017 के बाद मुख्यमंत्री का यह पहला विदेश दौरा है, जहाँ उन्होंने सौर ऊर्जा से हाइड्रोजन बनाने वाली अत्याधुनिक तकनीक का निरीक्षण किया और इसे यूपी के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
जापान दौरे से यूपी को क्या मिला?
सीएम योगी के इस दौरे के दौरान जापानी कंपनियों के साथ लगभग 11,000 करोड़ रुपये के समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन समझौतों में कृषि उपकरण, ऑटोमोबाइल और पर्यावरण से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने वहां ‘पावर-टू-गैस’ (P2G) सिस्टम को काम करते हुए देखा। यह तकनीक सौर ऊर्जा का उपयोग करके हाइड्रोजन बनाती है। यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी के साथ मिलकर सीएम योगी ने कार्बन उत्सर्जन कम करने और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर चर्चा की।
कितना निवेश और कौन से बड़े प्रोजेक्ट आएंगे?
सिंगापुर और जापान के इस दौरे से उत्तर प्रदेश को कुल मिलाकर 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। आंकड़ों पर एक नजर:
- सिंगापुर में 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के समझौते फाइनल हुए।
- यमुना एक्सप्रेसवे (YEIDA) क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव आया है।
- नवीकरणीय ऊर्जा के लिए पीआईडीजी (PIDG) ने 2,500 करोड़ रुपये निवेश करने की बात कही है।
- कानपुर (HBTU) और गोरखपुर (MMMUT) में आईआईटी की मदद से दो नए रिसर्च सेंटर बनाए जाएंगे।
आम जनता और प्रदेश को इससे क्या फायदा होगा?
सरकार की ‘ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी 2024’ के तहत राज्य को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी है। यूपीनेडा (UPNEDA) इस काम में नोडल एजेंसी की भूमिका निभा रही है। जब ये प्रोजेक्ट जमीन पर उतरेंगे, तो प्रदेश में प्रदूषण कम होगा और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ निवेश की जगह नहीं, बल्कि दुनिया के लिए एक लंबा रणनीतिक साझेदार बनकर उभरेगा। इस निवेश से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।




