पाकिस्तान ने किया ‘खुला युद्ध’ का ऐलान, काबुल और कंधार पर एयरस्ट्राइक से मचा हड़कंप
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहा तनाव अब एक बड़े युद्ध में बदल गया है। शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 की सुबह पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों, काबुल और कंधार पर जोरदार हवाई हमले किए हैं। पाकिस्तान सरकार ने इसे अब आधिकारिक तौर पर ‘खुला युद्ध’ घोषित कर दिया है, जिसके बाद दोनों देशों की सीमा पर हालात बेहद खराब हो गए हैं।
क्या है ऑपरेशन ‘गज़ब लिल हक़’ और कितना हुआ नुकसान?
पाकिस्तान की सेना ने इस जवाबी कार्रवाई को ‘ऑपरेशन गज़ब लिल हक़’ का नाम दिया है। शुक्रवार सुबह तड़के काबुल, कंधार और पक्तिया में लड़ाकू विमानों ने बमबारी की। वहां के स्थानीय लोगों ने बताया कि राजधानी काबुल में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं और आसमान में जेट विमान उड़ते दिखाई दिए।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया है कि इस हमले में 133 तालिबानी लड़ाके मारे गए हैं और 200 से ज्यादा घायल हुए हैं। हालांकि, तालिबान के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने हमले की पुष्टि तो की है लेकिन मरने वालों के इन आंकड़ों को गलत बताया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने सोशल मीडिया पर साफ लिखा है कि अब उनके सब्र का बांध टूट चुका है।
क्यों बिगड़े दोनों देशों के रिश्ते?
यह हमला अचानक नहीं हुआ है, बल्कि यह एक जवाबी कार्रवाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार की रात अफगान बलों ने डूरंड लाइन (सीमा) पर पाकिस्तानी सेना के ठिकानों पर बड़ा हमला किया था। तालिबान ने दावा किया था कि उन्होंने पाकिस्तान की 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया है।
पाकिस्तान का यह भी आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार TTP जैसे आतंकी संगठनों को पनाह दे रही है। पाकिस्तान में हाल ही में हुए बम धमाकों के लिए इन्हीं गुटों को जिम्मेदार माना जा रहा है, जिसके बाद पाकिस्तान ने यह कदम उठाया है।
बॉर्डर और आम लोगों पर क्या असर पड़ा है?
इस लड़ाई का सीधा असर आम जनता और व्यापारियों पर पड़ा है। दोनों देशों के बीच व्यापार और आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाले मुख्य रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
- बॉर्डर सील: तोर्कहम और चमन बॉर्डर क्रॉसिंग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे ट्रकों की लंबी कतारें लग गई हैं।
- आम नागरिक घायल: नांगरहार प्रांत के एक रिफ्यूजी कैंप और पाकिस्तान के बाजौर इलाके में गोलीबारी से आम नागरिकों के घायल होने की खबर है।
- शांति समझौता टूटा: 2025 में कतर और तुर्की की मदद से जो सीजफायर हुआ था, वह अब पूरी तरह खत्म हो चुका है।




