India Bangladesh Visa: भारत और बांग्लादेश के बीच वीज़ा सेवा फिर शुरू, अब मेडिकल और बिज़नेस वालों को मिलेगी राहत
भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। लंबे समय से बंद पड़ी वीज़ा सेवाओं को अब फिर से शुरू कर दिया गया है। 20 फरवरी 2026 से दोनों देशों ने धीरे-धीरे वीज़ा देना शुरू कर दिया है। इससे उन हजारों लोगों को राहत मिली है जो इलाज या व्यापार के सिलसिले में सीमा पार यात्रा करना चाहते थे। दोनों देशों के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह कदम लोगों की भारी मांग को देखते हुए उठाया गया है।
भारत और बांग्लादेश वीज़ा के लिए नए नियम क्या हैं?
बांग्लादेश ने भारतीय नागरिकों के लिए टूरिस्ट, मेडिकल, बिज़नेस और स्टूडेंट सहित सभी तरह की वीज़ा सेवाएं पूरी तरह से शुरू कर दी हैं। हालांकि, अभी ई-वीज़ा (E-visas) की सुविधा नहीं मिली है। आपको पहले ऑनलाइन आवेदन करना होगा और फिर वीज़ा सेंटर जाकर फिंगरप्रिंट और दस्तावेज जमा करने होंगे।
दूसरी तरफ, भारत ने अभी बांग्लादेशी नागरिकों के लिए केवल मेडिकल और डबल-एंट्री बिज़नेस वीज़ा की सेवा ही शुरू की है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि बाकी श्रेणियों के वीज़ा भी आने वाले कुछ हफ्तों में शुरू कर दिए जाएंगे। भीड़ को संभालने के लिए अभी हर दिन लगभग 1,000 टोकन ही जारी किए जा रहे हैं ताकि व्यवस्था बनी रहे।
वीज़ा बनवाने में कितना खर्च आएगा?
राहत की बात यह है कि सरकारी समझौते के तहत दोनों देशों के नागरिकों के लिए वीज़ा फीस शून्य (Free) है। यानी सरकार वीज़ा जारी करने का पैसा नहीं लेती है, लेकिन आपको केवल एप्लीकेशन सेंटर का सर्विस चार्ज देना होगा।
- भारतीय नागरिकों के लिए: बांग्लादेश वीज़ा के लिए अप्लाई करते समय करीब 825 रुपये का सर्विस चार्ज देना होगा।
- बांग्लादेशी नागरिकों के लिए: भारत का वीज़ा लेने के लिए 800 से 1,500 टका के बीच सर्विस चार्ज लगेगा।
इसके अलावा, अगर कोई वीज़ा की अवधि खत्म होने के बाद भी रुकता है, तो उस पर जुर्माना लग सकता है। 15 दिन तक ज्यादा रुकने पर हर दिन करीब 1,000 टका (लगभग 750 रुपये) का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
बस और ट्रेन सेवा कब शुरू होगी?
वीज़ा सेवा शुरू होने के बाद अब लोगों की नज़र बस और ट्रेन सेवाओं पर है। दिसंबर 2025 से सीमा पार बस और ट्रेन सेवा बंद है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच व्यापार और आम लोगों की सुविधा के लिए जल्द ही यात्री ट्रेनों और बस सेवाओं को भी बहाल किया जाएगा। यह कदम दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी को वापस पटरी पर लाने के लिए उठाया जा रहा है।




