कतर में सेना ने नाकाम किया मिसाइल हमला, लोगों को घर में रहने की सलाह, अमेरिका ने भी जारी किया अलर्ट
कतर के रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने शनिवार, 28 फरवरी 2026 को देश पर हुए मिसाइल हमलों के दूसरे दौर को सफलतापूर्वक रोक दिया है। मंत्रालय ने जानकारी दी कि उनकी सेना पूरी तरह तैयार थी और सभी मिसाइलों को कतर की सीमा में घुसने से पहले ही हवा में नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है और हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों को सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की बात कही है।
🗞️: UAE में मिसाइल हमला नाकाम, अबू धाबी के कई इलाकों में गिरा मलबा, हवाई यात्रा पर असर।
हमले को लेकर क्या है ताजा अपडेट और नुकसान?
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हमला ईरान की ओर से किया गया था जिसमें बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं। कतर की सेना ने अपनी ‘हाई रेडिनेस’ यानी उच्च सतर्कता के चलते इन खतरों को तुरंत पहचान लिया और उन्हें हवा में ही मार गिराया। कतर में किसी भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन पड़ोसी देश UAE के अबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत होने की सूचना मिली है। हमले के दौरान कतर ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था, जिसे बाद में स्थिति सामान्य होने पर देखा जाएगा।
आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या निर्देश हैं?
कतर के गृह मंत्रालय (Ministry of Interior) ने सभी नागरिकों और वहां रह रहे प्रवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान वस्तु या मलबे को न छुएं। अगर कहीं कोई संदिग्ध चीज दिखे तो तुरंत 999 पर कॉल करें। दोहा स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी ‘Imminent missile strike’ का अलर्ट जारी करते हुए अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर छुपने (duck and cover) की सलाह दी थी। सरकार ने साफ किया है कि जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं, लेकिन लोगों को मिलिट्री साइट्स के आसपास जाने से बचना चाहिए।
फ्लाइट्स और रोजमर्रा की चीजों पर क्या असर पड़ा?
इस क्षेत्रीय तनाव के कारण Qatar Airways और Emirates जैसी बड़ी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों के रास्ते बदले हैं या उन्हें कुछ समय के लिए रोका है। इसके अलावा, तेल कंपनियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली शिपिंग को रोक दिया है, जिससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका है। कतर में रह रहे भारतीय और अन्य कामगारों को सलाह दी गई है कि वे केवल Qatar News Agency (QNA) जैसी आधिकारिक खबरों पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से घबराएं नहीं।




