कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला, कई फ्लाइट्स रद्द, एयरस्पेस बंद होने से यात्रियों की मुसीबत बढ़ी
कुवैत में सुरक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एक सैन्य एयर बेस को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया गया है। इस हमले के कारण एयरपोर्ट के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा है और कुछ कर्मचारियों के घायल होने की खबर है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुवैत ने फिलहाल अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एयरपोर्ट और एयरबेस पर कितना नुकसान हुआ?
कुवैत की सिविल एविएशन अथॉरिटी (DGCA) के प्रवक्ता अब्दुल्ला अल-राजही ने पुष्टि की है कि एक ड्रोन ने एयरपोर्ट की पैसेंजर बिल्डिंग (T1) को टारगेट किया। इस हमले से बिल्डिंग को थोड़ा नुकसान पहुंचा है और वहां काम कर रहे कुछ मजदूरों को मामूली चोटें आई हैं। फिलहाल किसी की मौत की खबर नहीं है। इसके अलावा, अली अल-सलेम एयर बेस पर भी मिसाइलें दागी गईं, जिससे वहां के रनवे को काफी नुकसान हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है और हालात को काबू में करने का काम जारी है।
फ्लाइट्स और यात्रियों के लिए क्या है अपडेट?
इस घटना के बाद कुवैत के साथ-साथ पड़ोसी देशों ने भी नागरिक विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ा है:
- उड़ानें रद्द: एमिरेट्स, कतर एयरवेज और टर्किश एयरलाइंस जैसी बड़ी कंपनियों ने कुवैत आने-जाने वाली सभी फ्लाइट्स रोक दी हैं।
- यात्री क्या करें: कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी कमर्शियल फ्लाइट्स अभी बंद हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी एयरलाइन के कस्टमर केयर से संपर्क करें।
- भारतीय प्रवासी: जो भारतीय कुवैत से छुट्टी पर आने वाले थे या वापस जाने वाले थे, उन्हें अपनी यात्रा का प्लान बदलने की जरूरत पड़ सकती है।
सरकार ने जारी किया इमरजेंसी अलर्ट
कुवैत सरकार ने देश में इमरजेंसी प्लान लागू कर दिया है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और न ही किसी तरह की अफवाह फैलाएं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि खाने-पीने की चीजों और जरूरी सेवाओं की सप्लाई में कोई कमी नहीं आएगी। अधिकारी अभी नुकसान का जायजा ले रहे हैं और सुरक्षा मानकों को दोबारा बहाल करने के बाद ही एयरपोर्ट को पूरी तरह से खोला जाएगा। इटली और अमेरिका ने भी अपने नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा की पुष्टि की है।




