Saudi Arabia High Alert: सऊदी अरब और लाल सागर पर हमले का खतरा, ईरान ने हूतियों को दिया आदेश, उड़ानों पर पड़ा असर
ईरान की ओर से हूती विद्रोहियों को लाल सागर और सऊदी अरब पर हमले तेज़ करने के सीधे निर्देश मिले हैं। यमनी सरकार के करीबी सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने हूतियों को बाब अल-मंडेब और अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना बनाने के लिए कहा है। इस नए घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र में सावधानी बरतनी शुरू कर दी है।
हमलों और जवाबी कार्रवाई से जुड़ी मुख्य बातें
- सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार रियाद और देश के पूर्वी इलाकों पर किए गए सीधे हमलों को सऊदी सेना ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है।
- ईरान ने ट्रुथफुल प्रॉमिस 4 नाम से एक नया अभियान शुरू किया है जो अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का हिस्सा है।
- हूती गुट ने आधिकारिक तौर पर युद्धविराम खत्म करने और लाल सागर में जहाजों पर मिसाइल हमले शुरू करने का फैसला लिया है।
- यमन के सूचना मंत्री मुअम्मर अल-इरियानी ने कहा है कि हूती अब ईरान के इशारों पर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।
- सुरक्षा कारणों से दुबई इंटरनेशनल और मनामा जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर उड़ानों को कुछ समय के लिए निलंबित करना पड़ा है।
प्रवासियों और व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आम लोगों की यात्रा पर पड़ रहा है। लाल सागर से होने वाले व्यापार में रुकावट आने की वजह से सामानों की डिलीवरी में देरी हो सकती है और मेर्स्क जैसी बड़ी शिपिंग कंपनियां अपने रूट बदल रही हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों के लिए यह खबर जरूरी है क्योंकि हवाई रास्तों में बदलाव या उड़ानों में देरी हो सकती है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वे अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा।




