ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की हमले में मौत, यूएई और सऊदी अरब पर मिसाइल हमला, प्रवासियों के लिए अलर्ट जारी
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की एक सैन्य हमले में मौत हो गई है। अमेरिका और इजरायल के साझा ऑपरेशन के बाद ईरान की सरकारी मीडिया ने भी इस खबर की पुष्टि की है। इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और ईरान की सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। यूएई और सऊदी अरब सहित कई देशों में मिसाइल हमले देखे गए हैं जिससे वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों में चिंता का माहौल है।
ईरान में हुए हमले और खामेनेई की मौत से जुड़ी मुख्य जानकारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री ने खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि की है। यह हमला तेहरान के पाश्चर जिले में स्थित उनके दफ्तर पर हुआ जिसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का नाम दिया गया है। इस हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य भी मारे गए हैं जिनमें उनकी बेटी और पोते शामिल हैं। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए ने इस खबर को आधिकारिक तौर पर जारी किया है।
- हमले का समय: यह सैन्य अभियान 28 फरवरी और 1 मार्च 2026 के बीच चलाया गया।
- निशाना: हमले में ईरान के नेतृत्व और परमाणु केंद्रों को निशाना बनाया गया।
- उत्तराधिकारी: ईरान की सेना अब मोजतबा खामेनेई को नया नेता बनाने की तैयारी में है।
यूएई और खाड़ी देशों पर हमले का असर और सुरक्षा अलर्ट
ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई में यूएई पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे गए हैं। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने 137 मिसाइलों और 209 ड्रोन्स को नष्ट किया है। दुबई के प्रमुख इलाकों जैसे बुर्ज अल अरब के पास धमाकों की खबरें मिली हैं। वहां की सरकार ने नेशनल अर्ली वार्निंग सिस्टम के जरिए लोगों के मोबाइल पर अलर्ट भेजा है और उन्हें खिड़कियों से दूर रहने को कहा है।
| देश का नाम | प्रभाव की स्थिति |
|---|---|
| यूएई | दुबई और रिहायशी इलाकों में मिसाइल इंटरसेप्ट की गई |
| सऊदी अरब | रियाद और पूर्वी प्रांत में हमलों की पुष्टि |
| कतर और बहरीन | मिसाइल अलर्ट और हवाई क्षेत्र में हलचल |
| कुवैत और जॉर्डन | सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई |
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए क्या है स्थिति
सऊदी अरब और यूएई में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। हमलों के कारण हवाई उड़ानों पर असर पड़ सकता है और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए हैं। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं और क्षेत्र की शांति के लिए बातचीत कर रहे हैं। प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी सूचनाओं का पालन करें।




