Israel Iran Conflict: इजरायल ने तेहरान में 30 ठिकानों पर किया हमला, अमेरिका के साथ मिलकर शुरू किया बड़ा सैन्य अभियान
इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। 28 फरवरी 2026 की सुबह इजरायली वायुसेना ने तेहरान सहित ईरान के कई महत्वपूर्ण शहरों में 500 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया। इस संयुक्त ऑपरेशन को इजरायल ने ‘रोरिंग लायन’ और अमेरिका ने ‘एपिक फ्युरी’ नाम दिया है। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
🗞️: UAE Flight Update: दुबई एयरपोर्ट पर हमले के बाद विमान सेवा ठप, 4 मार्च तक स्कूल बंद और अलर्ट जारी।
इस हमले में किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
इजरायली वायुसेना ने इस हमले के लिए 200 से अधिक लड़ाकू विमानों का उपयोग किया है। तेहरान में 30 से अधिक प्रमुख ठिकानों पर बमबारी की गई है जिनमें सुप्रीम लीडर खामेनेई का आवास, राष्ट्रपति महल, खुफिया विभाग का मुख्यालय और परमाणु ऊर्जा मुख्यालय शामिल हैं। इसके अलावा तबरीज, इस्फ़हान, कोम और करज जैसे शहरों में मिसाइल साइटों और हवाई सुरक्षा प्रणालियों को भी नष्ट किया गया है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई और अब तक हुए नुकसान की जानकारी
ईरान ने इस हमले को संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन बताया है और ‘करारा जवाब’ देने की चेतावनी दी है। ईरान की ओर से इजरायल पर लगभग 35 मिसाइलें दागी गई हैं और बहरीन व यूएई में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले की कोशिश की गई है। इस युद्ध जैसी स्थिति का असर आम जनता और वहां रह रहे प्रवासियों पर भी पड़ रहा है क्योंकि कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| इजरायली विमानों की संख्या | 200 से अधिक |
| ईरान में कुल निशाने | 500 से अधिक |
| तेहरान में निशाने | 30 से अधिक |
| ईरान में कुल मौतें | 201 |
| ईरान में घायल लोग | 747 |
| इजरायल पर दागी गई मिसाइलें | 35 |
नेताओं के बयान और प्रवासियों पर इसका असर
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि यह हमला ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए जरूरी था। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे ईरान की सैन्य क्षमता को तोड़ने वाला कदम बताया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर चिंता का विषय है क्योंकि युद्ध की स्थिति में यात्रा और रोजगार पर सीधा असर पड़ता है। भारतीय दूतावास स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों को सावधान रहने की सलाह दी जा रही है।




