दुबई और कतर पर मिसाइल हमले की कोशिश, GCC देशों ने बुलाई आज इमरजेंसी मीटिंग
खाड़ी देशों में अचानक बढ़े सैन्य तनाव के बीच आज Gulf Cooperation Council (GCC) के विदेश मंत्रियों की एक आपातकालीन वर्चुअल बैठक बुलाई गई है। 1 मार्च 2026 को हो रही इस बैठक का मुख्य मकसद ईरान की तरफ से हुए मिसाइल हमलों के बाद खाड़ी की सुरक्षा को मजबूत करना है। कतर की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में सऊदी अरब, यूएई (UAE), कुवैत, ओमान और बहरीन के विदेश मंत्री शामिल हो रहे हैं ताकि पूरे रीजन के लिए एक साझा रणनीति बनाई जा सके।
बैठक का मुख्य एजेंडा क्या है?
इस इमरजेंसी मीटिंग का सबसे बड़ा मकसद ईरान के हमलों का एकजुट होकर जवाब देना है। रिसर्च के मुताबिक, ईरान ने कतर के अल उदीद एयरबेस, दुबई के रिहायशी इलाकों और बहरीन स्थित ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से निशाना साधने की कोशिश की है। GCC महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने कहा है कि यह हमला संप्रभुता का उल्लंघन है और सभी छह देश अपनी सुरक्षा के लिए एक साथ खड़े हैं। कतर इस सत्र की अध्यक्षता कर रहा है और सभी देश मिलकर आगे की सुरक्षा योजना तैयार करेंगे।
उड़ानों और यात्रियों पर क्या असर पड़ा?
इस हमले और सैन्य तनाव का सीधा असर हवाई यात्राओं पर भी देखने को मिला है। दुबई और अबू धाबी के बड़े हवाई अड्डों पर सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए उड़ानों में रुकावट या देरी देखी गई। जो लोग भारत या अन्य देशों की यात्रा कर रहे हैं, उन्हें अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है। कतर, कुवैत और बहरीन में एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे रिहायशी इलाकों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।
अभी जमीनी हालात और सुरक्षा के निर्देश क्या हैं?
यह तनाव तब बढ़ा जब 28 फरवरी को एक हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर की मौत हो गई, जिसके जवाब में ईरान ने 100 से ज्यादा मिसाइलें दागीं। ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने सभी नेताओं से फोन पर बात करके शांति बनाए रखने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों और प्रवासियों से कहा है कि वे किसी भी अनजान वस्तु को न छुएं और उन इलाकों में जाने से बचें जहां सुरक्षा बल कार्रवाई कर रहे हैं। अमेरिका ने भी कहा है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।




