Ramadan Update: मक्का-मदीना में टूटा रिकॉर्ड, पहले 10 दिनों में 4.3 करोड़ लोग पहुंचे, उमराह पर सख्ती
सऊदी अरब में रमजान के पवित्र महीने के दौरान मक्का और मदीना में श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक जमावड़ा देखा गया है। हरमैन शरीफैन के मामलों को देखने वाली जनरल अथॉरिटी ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक, रमजान के शुरुआती 10 दिनों में ही मक्का की ग्रैंड मस्जिद और मदीना की पैगंबर मस्जिद में कुल मिलाकर 4 करोड़ 38 लाख से ज्यादा (43,840,961) लोग पहुंचे हैं। इसमें नमाज पढ़ने वाले और उमराह करने वाले दोनों शामिल हैं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि किसी को परेशानी न हो।
मक्का और मदीना में कितने लोगों ने की इबादत?
अथॉरिटी की रिपोर्ट बताती है कि लोगों की संख्या पिछले सालों के मुकाबले काफी बढ़ गई है। मक्का में स्थित मस्जिद अल-हरम में सबसे ज्यादा भीड़ रही। यहां पांचों वक्त की नमाज और तरावीह के लिए करोड़ों लोग जमा हुए। वहीं, मदीना में भी जायरीन की बड़ी तादाद देखी गई। नीचे दिए गए टेबल में आप अलग-अलग आंकड़े देख सकते हैं:
| स्थान (Location) | कुल संख्या (Total Count) |
|---|---|
| मस्जिद अल-हरम (नमाज) | 2.38 करोड़ |
| उमराह जायरीन | 81.1 लाख |
| मस्जिद ए नबवी (नमाज) | 1.07 करोड़ |
| रौजा शरीफ (Al-Rawdah) | 3.17 लाख |
उमराह और जियारत के लिए कौन से नियम जरूरी हैं?
इतनी भारी भीड़ को संभालने के लिए सऊदी हुकूमत ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं जिनका पालन करना हर भारतीय और विदेशी यात्री के लिए जरूरी है। सबसे अहम बात यह है कि उमराह के लिए ‘नुसुक’ (Nusuk) ऐप के जरिए परमिट लेना अनिवार्य है। इसके बिना एंट्री नहीं मिलेगी। इसके अलावा, भीड़ कम करने के लिए प्रशासन ने ‘एक रमजान, एक उमराह’ का नियम सख्ती से लागू किया है, यानी एक व्यक्ति रमजान में सिर्फ एक ही बार उमराह कर सकता है।
मस्जिद के दरवाजों पर डिजिटल इंडिकेटर लगाए गए हैं। अगर बत्ती लाल है, तो इसका मतलब है कि अंदर जगह नहीं है और आपको रुकना होगा, और अगर बत्ती हरी है, तो आप प्रवेश कर सकते हैं। छोटे बच्चों को भीड़-भाड़ वाले समय, खासकर ईशा और तरावीह के दौरान मस्जिद में न लाने की सलाह दी गई है।
श्रद्धालुओं के लिए क्या खास सुविधाएं दी जा रही हैं?
जायरीन की मदद के लिए कई तरह की सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए 8,300 से ज्यादा इलेक्ट्रिक और मैनुअल व्हीलचेयर का इंतजाम किया गया है। मक्का और मदीना के बीच सफर को आसान बनाने के लिए हरमैन हाई-स्पीड रेलवे ने अपने फेरे बढ़ा दिए हैं और अब रमजान में 3,600 से ज्यादा ट्रिप चलाई जा रही हैं।
पैदल चलने वालों के लिए रास्ते साफ रखे गए हैं और किसी भी तरह की गाड़ी, साइकिल या सामान बेचने वालों को इन रास्तों पर आने की मनाही है। धार्मिक मामलों के विभाग ने अलग-अलग भाषाओं में 56,000 से ज्यादा गाइडेंस बुलेटिन बांटे हैं ताकि दुनिया भर से आए लोगों को इबादत करने में आसानी हो।




