Gulf Country New Rules: खाड़ी देशों पर हमले के बाद सुरक्षा अलर्ट, फ्लाइट्स और प्रवासियों पर पड़ेगा असर
खाड़ी देशों के समूह (GCC) ने रविवार को एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है जिसमें सुरक्षा को लेकर बड़े फैसले लिए गए। ईरान की ओर से हुए हमलों के बाद सऊदी अरब, यूएई, कतर, ओमान और कुवैत ने मिलकर अपनी सुरक्षा करने का संकल्प लिया है। इस तनाव की वजह से खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वाले लोगों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं।
खाड़ी देशों ने सुरक्षा को लेकर क्या नया फैसला लिया है?
साल 2000 में हुए सुरक्षा समझौते को फिर से लागू करते हुए GCC देशों ने साफ किया है कि किसी भी एक देश पर हमला पूरे समूह पर हमला माना जाएगा। बहरीन के विदेश मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में तय हुआ कि अपनी स्थिरता बचाने के लिए सभी सदस्य देश सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी चुन सकते हैं। ओमान के दुक्म पोर्ट पर हुए हमले और सऊदी अरब में नागरिक इलाकों को निशाना बनाने के बाद यह कदम उठाया गया है।
प्रवासियों और यात्रियों पर इस तनाव का क्या असर होगा?
इस स्थिति का सीधा असर उन भारतीयों और प्रवासियों पर पड़ेगा जो खाड़ी देशों में रहते हैं या वहां जाने वाले हैं। उड़ानों और सुरक्षा को लेकर निम्नलिखित अपडेट जारी किए गए हैं:
- सउदिया और कतर एयरवेज ने अपनी कई फ्लाइट्स को सस्पेंड कर दिया है
- कुवैत और बहरीन ने अपने नागरिकों और प्रवासियों को सिविल डिफेंस के निर्देशों का पालन करने को कहा है
- कई इलाकों में हवाई क्षेत्र बंद होने से उड़ानों के रास्ते बदले गए हैं
- सामान की आवाजाही और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में देरी की संभावना जताई गई है
बैठक में शामिल देश और उनके मुख्य कदम
बैठक में शामिल हुए सभी देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन पर गहरी चिंता जताई है और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है।
| देश का नाम | मुख्य प्रतिनिधि | हालिया कार्रवाई |
|---|---|---|
| सऊदी अरब | प्रिंस फैसल बिन फरहान | ईरानी राजदूत को बुलाकर कड़ी आपत्ति दर्ज की |
| कतर | शेख मोहम्मद अल थानी | फ्लाइट ऑपरेशंस और हवाई सुरक्षा पर विशेष नज़र |
| ओमान | बद्र अल बुसैदी | बंदरगाहों और तटीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई |
| कुवैत | शेख जर्राह अल-जबर | नागरिकों के लिए शेल्टर और सुरक्षा अलर्ट जारी किया |




