West Asia में जंग के बीच IAEA की बड़ी चेतावनी, कहा – फैल सकता है रेडिएशन, तेल की कीमतें 9% बढ़ी
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के डायरेक्टर जनरल Rafael Mariano Grossi ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर गहरी चिंता जताई है। सोमवार को उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा हालात में रेडियोलॉजिकल रिसाव यानी रेडिएशन फैलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह बयान 2 मार्च 2026 को वियना में हुई बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक के दौरान आया, जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं।
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क्या है रेडिएशन का खतरा और IAEA की रिपोर्ट?
Rafael Grossi ने बताया कि परमाणु ठिकानों के पास लड़ाई होने से गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई न्यूक्लियर साइट चपेट में आती है, तो बड़े शहरों जितनी आबादी को खाली कराना पड़ सकता है। IAEA के इमरजेंसी सेंटर ने ईरान के परमाणु नियामकों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फिलहाल उधर से कोई जवाब नहीं आया है।
एजेंसी ने यह भी साफ किया कि अभी तक ईरान से सटे किसी भी देश में रेडिएशन का स्तर बढ़ा हुआ नहीं पाया गया है और न ही किसी परमाणु केंद्र पर सीधे हमले के सबूत मिले हैं। फिर भी, IAEA ने सभी पक्षों से बेहद संयम बरतने की अपील की है ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।
तेल की कीमतों और हवाई यात्रा पर बड़ा असर
इस तनाव का असर अब आम लोगों की जिंदगी और जेब पर दिखने लगा है। सऊदी अरब के Ras Tanura रिफाइनरी पर ड्रोन हमलों की खबर के बाद सोमवार सुबह ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 9% बढ़ गईं। इसका असर आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम पर भी दिख सकता है।
सुरक्षा कारणों से कई जगहों पर हवाई क्षेत्र बंद होने और फ्लाइट्स रद्द होने से दुबई, ईरान और अन्य खाड़ी देशों में हजारों यात्री फंस गए हैं। इनमें कई भारतीय छात्र और कामगार भी शामिल हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्थिति पर चिंता जताते हुए बातचीत से हल निकालने की अपील की है।
| घटना | असर |
| सऊदी तेल डिपो पर हमला | कच्चे तेल की कीमतें 9% बढ़ीं |
| हवाई क्षेत्र बंद | हजारों यात्री दुबई और ईरान में फंसे |
| IAEA की चेतावनी | रेडिएशन फैलने का खतरा बताया |




