तेहरान के ऐतिहासिक गोलेस्तान पैलेस को हमलों से पहुंचा भारी नुकसान, यूनेस्को ने जताई चिंता
ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल गोलेस्तान पैलेस को अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के कारण गंभीर नुकसान हुआ है। ईरान के सांस्कृतिक विरासत मंत्री सैयद रजा सालेही अमीरी ने 2 मार्च 2026 को महल का निरीक्षण किया और वहां हुए भौतिक नुकसान की आधिकारिक पुष्टि की। यह नुकसान महल के पास स्थित अर्ग स्क्वायर पर हुए हवाई हमलों के जोरदार धमाकों और कंपन की वजह से हुआ है।
गोलेस्तान पैलेस में क्या-क्या हुआ नुकसान?
हवाई हमलों के बाद महल की ऐतिहासिक संरचना पर कई तरह के प्रभाव पड़े हैं। धमाकों की गूंज इतनी तेज थी कि महल की पुरानी खिड़कियां और मशहूर फारसी रंगीन कांच टूट गए हैं। इसके अलावा वहां के बगीचों और मुख्य दीवारों पर भी असर पड़ा है। नुकसान का विवरण नीचे दिया गया है:
- पारंपरिक फारसी रंगीन कांच (ओर्सी) और खिड़कियां पूरी तरह टूट गई हैं।
- महल के भीतर किए गए बारीक आइने के काम (मिरर वर्क) में दरारें आ गई हैं।
- महल के ऐतिहासिक लकड़ी के दरवाजों को भी नुकसान पहुंचा है।
- धमाकों की वजह से बगीचों और बाहरी हिस्से में मलबा जमा हो गया है।
पर्यटकों के लिए मौजूदा स्थिति और सुरक्षा नियम
गोलेस्तान पैलेस को फिलहाल सुरक्षा कारणों और नुकसान की जांच के लिए आम जनता के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सामान्य दिनों में विदेशी पर्यटकों के लिए यहां की फीस लगभग 6,500,000 रियाल रहती थी, लेकिन अब अगली सूचना तक कोई भी प्रवेश नहीं कर पाएगा। यूनेस्को ने सभी सैन्य पक्षों को ऐतिहासिक साइटों के भौगोलिक निर्देशांक साझा किए हैं ताकि भविष्य में ऐसी धरोहरों को सीधे हमलों से बचाया जा सके।
ईरान सरकार ने इस घटना को अपनी सांस्कृतिक पहचान पर हमला बताया है। सरकार अब 1954 के हेग कन्वेंशन के तहत यूनेस्को को एक औपचारिक रिपोर्ट सौंपने की तैयारी कर रही है। राहत की बात यह है कि महल के सबसे कीमती सामान और मिरर थ्रोन को साल 2025 में ही सुरक्षा के लिहाज से भूमिगत गोदामों में शिफ्ट कर दिया गया था, जिससे वे सुरक्षित हैं।




