खाड़ी देशों में बिगड़ते हालात पर भारत ने जताई चिंता, 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा को लेकर MEA ने कहा ये
विदेश मंत्रालय ने रमजान के पवित्र महीने में खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता जताई है। मंगलवार को विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में हालात लगातार खराब हो रहे हैं जो भारत के लिए बड़ी चिंता का विषय है। भारत इस क्षेत्र का पड़ोसी है और वहां करीब 1 करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। सरकार ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए मुद्दे को सुलझाने की अपील की है।
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भारतीयों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी और जरूरी निर्देश
खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। तेहरान, दोहा, दुबई और अन्य शहरों में स्थित भारतीय मिशनों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दूतावासों ने साफ कहा है कि लोग बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और किसी भी सैन्य या संवेदनशील जगह के पास जाने से बचें। स्थानीय सरकार द्वारा जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करना अभी सबसे ज्यादा जरूरी है।
सरकार ने यह भी बताया कि समुद्री जहाजों पर हुए हमलों में कुछ भारतीय नागरिकों की जान गई है या वे लापता हैं, जो बहुत ही दुखद है। इस बीच राहत कार्यों के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। इंडिगो एयरलाइंस जेद्दा से भारत के प्रमुख शहरों जैसे हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए 10 विशेष उड़ानें चलाने की योजना बना रहा है ताकि फंसे हुए लोगों को वापस लाया जा सके।
महंगाई और फ्लाइट्स पर पड़ा बड़ा असर
इस संघर्ष का असर अब आम आदमी की जेब पर भी दिखने लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हवाई जहाज का किराया आसमान छू रहा है। दिल्ली से लंदन तक की उड़ानों का किराया कुछ मामलों में 9 लाख रुपये तक पहुंचने की खबरें आई हैं। इसके अलावा यूरोप में नेचुरल गैस की कीमतों में 40% तक की बढ़ोतरी देखी गई है जिसका असर वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है।
संघर्ष से जुड़ी मुख्य बातें:
- प्रभावित देश: यूएई, सऊदी अरब, कुवैत, कतर और बहरीन में मिसाइल या ड्रोन हमलों का खतरा देखा गया है।
- आर्थिक झटका: तेल रिफाइनरी और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने से ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
- भारत का पक्ष: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति को गंभीर बताया है और कूटनीति के जरिए शांति लाने पर जोर दिया है।
- यात्रा में बाधा: ईरान और खाड़ी देशों के ऊपर हवाई क्षेत्र बंद होने से कई फ्लाइट्स कैंसिल या डायवर्ट हो रही हैं।




